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HARIYANA सरकार में सब ठीक नहीं है , कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर अभी भी फंसा है पेंच

कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर अभी भी फंसा है पेंच

-राजकुमार अग्रवाल –
चंडीगढ़ –
हरियाणा कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर अभी भी पेंच फंसा है। नए मंत्रिमंडल जननायक जनता पार्टी ने अपने कोटे से एक मंत्री बनाया है। इसको लेकर कई सवाल पैदा हो गए हैं। पूरे मामले में जजपा संयोजक और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बेहद सधी चाल चल रहे हैं। मनोहर मंत्रिमंडल में जजपा के एकमात्र मंत्री की एंट्री को पार्टी की रणनीति से जोडक़र देखा जा रहा है। चर्चा है कि पेंच जजपा के दो विधायकों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। बताया जाता है कि इन विधायकों को मंत्री बनाने का भाजपा के कुछ दिग्गज विरोध कर रहे हैं। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर जजपा किसी तरह का उतावलापन नहीं दिखाना चाहती थी। इसलिए कैबिनेट में सिर्फ एक ही मंत्री शामिल कराया गया। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के अलावा हरियाणा कैबिनेट में 12 मंत्री बन सकते हैैं। बृहस्पतिवार को 10 मंत्रियों ने शपथ ली। बाकी बचे दो पदों पर जजपा कोटे के मंत्रियों के अगले कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने की संभावना है। चर्चा थी कि बृहस्पतिवार को मनोहर कैबिनेट में जजपा कोटे से दो कैबिनेट और एक राज्य मंत्री शपथ लेंगे। बाद में पार्टी ने रणनीति बदली। खबर आई कि कैबिनेट में जजपा कोटे का कोई मंत्री शामिल नहीं होगा। इस फैसले से पहले डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को 11 विभाग आवंटित हो चुके थे। कैबिनेट के गठन वाले दिन सुबह के समय चंडीगढ़ स्थित यूटी गेस्ट हाउस में जजपा विधायकों की बैठक हुई, जिमसें दुष्यंत चौटाला भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार जब विधायकों को यह पता चला कि मंत्रिमंडल में जजपा कोटे का कोई मंत्री शामिल नहीं हो रहा है तो दलील दी गई कि इसका प्रदेश में गलत संदेश जाएगा। इसलिए मंत्रिमंडल में जजपा कोटे से किसी विधायक की भी एंट्री जरूरी है। जजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी पार्टी के विधायकों की इस दलील को वाजिब माना। अब बात आई कि किसे एंट्री दी जाए। नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम, टोहाना से विधायक देवेंद्र बबली और गुहला चीका से विधायक चौधरी ईश्वर सिंह के साथ उकलाना से विधायक अनूप धानक मंत्री बनने के प्रबल दावेदारों में शामिल थे। बताया जाता है कि पिछली भाजपा सरकार में वित्त मंत्री रह चुके कैप्टन अभिमन्यु और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला नहीं चाहते थे कि गौतम व बबली मंत्री बनें। इसके लिए जबरदस्त लाबिंग की गई। किसी तरह के विवाद से बचने के लिए अनूप धानक को वफादारी का इनाम देने का निर्णय लिया गया और उन्हें राज्य मंत्री की शपथ दिलाई गई। बताया यह भी जाता है कि इस निर्णय से जजपा के कुछ विधायक असहज भी हुए, लेकिन माना जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला उन्हें यह समझाने में कामयाब हो गए हैैं कि उचित मौके के हिसाब से सब कुछ ठीक रहता है। सूत्रों के अनुसार बाकी बचे दो मंत्री पद जजपा कोटे के हैैं, लेकिन भाजपा की आखिर तक कोशिश होगी कि दुष्यंत एक मंत्री पद पर राजी हो जाएं, जिसकी संभावना काफी कम है।

दुष्यंत चौटाला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका खारिज
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने उनको डिप्टी सीएम बनाने के खिलाफ दायर याचिका को रद्द कर दिया है। दुष्यंत को उपमुख्यमंत्री बनाने को असंवैधानिक बताते हुए इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। बता दें कि जननायक जनता पार्टी के संयोजक दुष्यंत चौटाला ने 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मनोहरलाल के साथ उनमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 29 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट के वकील जगमोहन भट्टी ने यह जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि हरियाणा में दुष्यंत चौटाला को उप मुख्यमंत्री नियुक्त करना संविधान और कानून के खिलाफ है। राज्यपाल सत्यदेव नारारण द्वारा दुष्यंत चौटाला को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाना संविधान के अनुच्छेद 164 का उल्लंघन है। भारतीय संविधान में कहीं भी उपमुख्यमंत्री पद का प्रावधान नहीं है। ऐसे में उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाना गलत है। इसके साथ ही याचिका में दुष्यंत चौटाला को उप मुख्यमंत्री के नाते मिलने वाले सभी सुविधाओं पर रोक लगाई जाए जाने की मांग की गई थी। याचिका पर अपने जवाब में हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य में उप मुख्यमंत्री को अतिरिक्त सुविधाएं देने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में इसे चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद शनिवार को हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि दिल्ली, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में समय-समय पर डिप्टी सीएम बनाए गए। न्यायपालिका ने किसी भी राज्य में किसी भी डिप्टी सीएम को नहीं हटाया।

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