HARIYANA KAITHAL JJPकैथल जेजेपी नेत्री ने पार्टी छोड़ी तो सोशल मीडिया पर जेजेपी कार्यकर्ताओं ने ली चुटकी

कैथल जेजेपी नेत्री ने पार्टी छोड़ी तो सोशल मीडिया पर जेजेपी कार्यकर्ताओं ने ली चुटकी
कहा : अगर केवल टिकट न मिलने के कारण पार्टी छोड़ रहे तो दिख रहा है स्वार्थपन
पार्टी छोडने का बहुत दु:ख हमें भी, लेकिन क्या सारी जिम्मेदारी काम करने वालों की : जागलान
HARIYANA KAITHAL JJP कैथल, 18 अक्तूबर (कृष्ण प्रजापति): गत दिवस कैथल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में जेजेपी नेत्री अंजू जागलान ने जैसे ही जजपा पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया तो सोशल मीडिया पर जेजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ पोस्ट डालनी शुरू कर दी और अंजू जागलान की पोस्ट पर भी तीखे कमैंट्स किए जिसमें कई कार्यकर्ताओं द्वारा उनको टिकट न मिलने के कारण पार्टी छोड़कर जाने को स्वार्थ दिखाने वाली बात कही तो कईयों ने पार्टी छोड़ने की बजाय पार्टी में रहकर कार्य करने पर विचार करने की बात कही, जिसका अंजू जागलान ने बखूबी जवाब भी दिया है। जवाबी कमैंट्स में जिला पार्षद अंजू जागलान ने पिछले 10-15 दिनों से उनके साथ हुई अनदेखी का भी जिक्र किया है। अंजू जागलान का कहना है कि पार्टी नेताओं द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं की बेकद्री की गई और इनेलो से जेजेपी में आए कार्यकर्ताओं पर विश्वास न जताकर हाथों हाथ कांग्रेसी नेता को पार्टी में शामिल करके टिकट थमा दी जोकि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के हितों से खिलवाड़ है।
बॉक्स–अंजू जागलान ने उनकी पोस्ट पर जेजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं पर बोलते हुए कहा कि आज मेरी पोस्ट पर जेजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा मेरे खिलाफ धड़ाधड़ कमेंट्स किए जा रहे हैं, अच्छी बात है लेकिन मुझे एक बात बताओ कि जब इन कार्यकर्ताओं की जुबान को क्या हुआ था जब मई-जून की गर्मी में आप ए.सी. कूलर मे आराम कर रहे थे, खुद दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, नैना चौटाला विदेश मे छुट्टियां मनाने गए थे ये कहकर कि गर्मी ज्यादा है, जुलाई मे पार्टी के दौरे शुरु करेंगे, तब मै घर-घर चाबी का निशान पहुंचा रही थी। पार्टी 11 महीने की है, संगठन, कार्यकर्ता इनेलो से आया है और  आज इस संगठन से ज्यादा  भरोसा काग्रेस से आये व्यक्ति पर टिकट देकर  जताया। जो आज जेजेपी की टिकट पर कलायत विस से चुनाव लड़ रहे हैं वो व्यक्ति पिछले दस साल से कालका में थे। क्या पूरे संगठन मे इन्हे कोई काबिल नही लगा। दुष्यंत चौटाला तो कहते है कार्यकर्ता मेरी ताकत हैं, जिस दिन टिकट घोषित हुई उस दिन ही मैने अपनी जिम्मेदारी से इस्तीफा दिया था लेकिन पार्टी नही छोडी थी, बहुत कुछ दिया है इस पार्टी को, पार्टी छोडने का बहुत दु:ख हमें भी है, आत्मा बस्ती है इसमे हमारी। एक अक्तूबर से नाराजगी के चलते घर बैठे थे क्या सारी जिम्मेदारी काम करने वालों की होती है जिनके लिए सब कुछ कर रहे है उनका कोई फर्ज नहीं बनता। गत 1 अक्तूबर से लेकर आज तक कोई सुध लेने नहीं पहुंचा, बातचीत नहीं की। अंजू जागलान ने कहा कि आत्मसम्मान से कोई समझौता नही करूंगी, जिसको जो लिखना है लिखे, टिकट के  लालच मे गई है, कोई बताएगा चुनाव से दो दिन पहले कौन टिकट दे रहा है ? क्यो 17 दिन से दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला को अपने लोगो की जरुरत महसूस नही हुई क्या। पूरे कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर निर्णय लिया है इसलिए भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: