haryanaगेहूं खरीद में हो रहा भारी फर्जीवाड़ा 6 एकड़ की किसान से खरीदी 1380 क्विंटल गेहूं 7 एकड़ के किसान से खरीदी गई 1000 क्विंटल गेहूं

गेहूं खरीद में हो रहा भारी फर्जीवाड़ा

6 एकड़ की किसान से खरीदी 1380 क्विंटल गेहूं
7 एकड़ के किसान से खरीदी गई 1000 क्विंटल गेहूं

 

Heavy fraud occurred in wheat procurement

Bought 1380 quintals of wheat from 6 acres of farmer
1000 quintal wheat purchased from 7 acres farmer

 

चंडीगढ़। गेहूं खरीद को लेकर कई जगह भारी फर्जीवाड़े की खबर आ रही है। खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ मिलकर आढती फर्जी खरीद को अंजाम दे रहे हैं।थोड़ी-थोड़ी जमीन वाले किसानों के नाम पर भारी मात्रा में गेहूं की खरीद की जा रही है। ऐसी ही फर्जी खरीद का भंडाफोड़ दादरी जिले की हड़ोदी मंडी व बेरला खरीद केंद्र में हुआ है।

HARYANAमुनाफाखोरी और कालाबाजारी व्यापारी नहीं बल्कि सरकार के अधिकारी करवा रहें है ?

 

हड़ोदी मंडी में बिंद्रावन गांव की 6 एकड़ जमीन की मालकिन भतेरी देवी के नाम पर 1338. 8 क्विंटल गेहूं की खरीद दिखाई गई है। इतनी कम जमीन पर 1400 क्विंटल गेहूं का उत्पादन किसी भी सूरत पर नहीं हो सकता इसलिए साफ तौर पर जाहिर है कि गेहूं खरीद में भारी फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस बारे में खरीद के नोडल अधिकारी उमेद सिंह किसान की जमीन के बारे में वह जानकारी नहीं दे पाए।

इसी तरह बेरला खरीद केंद्र में बेरला गांव के ही किसान अतर सिंह के नाम पर 998.8 क्विंटल गेहूं की खरीद दिखाई गई है। इस किसान के पास खुद वह भाई की सिर्फ 7 एकड़ जमीन है। इतनी जमीन पर 150 क्विंटल गेहूं तो हो सकती है लेकिन 1000 क्विंटल गेहूं की पैदावार नामुमकिन है। इस मामले में भी गेहूं की खरीद पूरी तरह से संदेह के घेरे में है।

 

 

गेहूं खरीद को लेकर फसल का ब्यौरा जांचने वाले पटवारी, गेट पास जारी करने वाले खरीद प्रक्रिया के कर्मचारी और आढतियों की तिगड़ी मिलकर काम कर रही है और इनकी मिलीभगत से ही गेहूं की खरीद में भारी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

big breking-Haryana सरकार ने एक एक हजार रुपये देने का वायदा किया था  4 लाख 56 हजार  में से 3.15 लाख आवेदन रद्द किये  

इस फर्जीवाड़ा को चैक करने या लगाम लगाने के लिए कोई भी सिस्टम नहीं है। अधिकांश खरीद केंद्रों में नोडल अधिकारी ऐसे अधिकारियों को बनाया गया है जिनका खरीद प्रक्रिया का कोई अनुभव नहीं है और उन्हें अंधेरे में रखकर गेहूं खरीदी में गड़बड़ी की जा रही है।

 

इसी तरह की शिकायतें दूसरे जगह से भी आ रही हैं। मिट्टी के साथ मिट्टी होकर महीनों तक फसल की रखवाली करने वाले हकदार किसानों की फसल को लेने में सरेआम आनाकानी की जाती है वहीं दूसरी तरफ फर्जीवाड़े में शामिल लोग हजारों क्विंटल गेहूं को आराम से एडजेस्ट कर रहे हैं।

 

 

गेहूं और सरसों की खरीद में गड़बड़ी की कई शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। दादरी में राजस्थान की सरसों से भरे पांच ट्रकों को तेल मिल से ऐन मौके पर पकड़ा गया था। इसी तरह महेंद्रगढ़ जिले में भी राजस्थान की सरसों की बिक्री के खेल में शामिल पटवारी को सस्पेंड किया गया था। सरसों और गेहूं खरीद के लचर सिस्टम के कारण खरीद के मास्टरमाइंड रातों रात मालामाल हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ किसान अपनी फसल बेचने के लिए भी तंगहाल हो रहे हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *