HARYANA में महामारी अध्यादेश लागू मिल्क बूथ अब 12 घंटे खुले रहेंगे

हरियाणा में महामारी अध्यादेश लागू मिल्क बूथ अब 12 घंटे खुले रहेंगे

 

Milk booths implemented in Haryana epidemic ordinance will now be open for 12 hours

पंचकूला (अटल हिन्द ब्यूरो )हरियाणा के मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में सभी वीटा बूथ और मिल्क बूथ सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे। इसके लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में निर्देश जारी करें और उनकी अनुपालना सुनिश्चित करें।

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मुख्य सचिव ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि कोविड -19 की जांच हेतु नमूने लेने के लिए डोर टू डोर सर्वे में शामिल सभी आशा वर्कर्स को उचित सहायता दी जाए।

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उन्होंने निर्देश दिए कि नमूने लेने के कार्य को और अधिक कुशलता से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त नमूने लेने की प्रक्रिया की निगरानी बारीकी से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उपायुक्त हर दिन किए गए टेस्टों की संख्या पर भी नजऱ रखें।

 

डबल होगी मोबाइल ओपीडी की संख्या

मोबाइल ओपीडी की संख्या बढ़ाने के विषय पर मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में मोबाइल ओपीडी की संख्या दोगुनी करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड-19 के संक्त्रस्मण के खतरे के मद्देनजर वृद्धजनों की पहचान करने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा एक सूची तैयार की गई है। सभी उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि इस सूची की एक प्रति हर मोबाइल ओपीडी को उपलब्ध करवाई जाए ताकि उन्हें पहचान करने में आवश्यक सहायता मिल सके।

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महामारी अध्यादेश लागू करने के निर्देश
मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि महामारी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के अनुसार महामारी के दौरान सेवा कर रहे किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी के विरूद्घ किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई हिंसा या घृणा की कार्रवाई अथवा महामारी के दौरान किसी भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कार्यवाही को संज्ञेय और गैर-जमानती दंडनीय अपराध माना गया है। इस संबंध में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों का अनुपालन करते हुए, महामारी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के कार्यान्वयन के लिए पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) कानून एवं व्यवस्था को राज्य नोडल अधिकारी और सभी पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को जिला नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

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