हरियाणा विधानसभा में गीता भुक्कल की ब्राह्मणों पर टिप्पणी से हंगामा, अशोक अरोड़ा ने मांगी माफी

हरियाणा विधानसभा में गीता भुक्कल की ब्राह्मणों पर टिप्पणी से हंगामा, अशोक अरोड़ा ने मांगी माफी

हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने ब्राह्मण समाज को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी। इस विवाद के बढ़ने पर भाजपा विधायकों ने उन्हें तुरंत घेर लिया और सदन में माहौल काफी गरमा गया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख कांग्रेस विधायक ने अपने इस प्रकरण पर माफी मांग ली और स्पीकर ने उन सभी शब्दों को विधानसभा की कार्यवाही से बाहर निकलवा दिया

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा संत रविदास जयंती पर संकल्प

चंडीगढ़ में चल रहे सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती को लेकर एक सरकारी संकल्प पेश किया और पूरे राज्य में यात्रा निकालने की बात कही। इस चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने कलश यात्रा की कमेटी में कांग्रेस के एससी सांसदों और विधायकों को शामिल नहीं किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए। इन सवालों के जवाब में सीएम सैनी ने कहा कि उन्हें इस बात से बहुत पीड़ा हो रही है और उनकी आंखें नम हो गई हैं। सीएम सैनी ने यह भी बड़ा आरोप लगाया कि गुरु तेग बहादुर की 350वीं जयंती के कार्यक्रमों में नेता प्रतिपक्ष को आधिकारिक रूप से बुलाए जाने के बावजूद वे कहीं भी दिखाई नहीं दिए थे।

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रामकुमार गौतम और भूपेंद्र हुड्डा के बीच तीखी बहस

सदन में चल रही बहस के दौरान भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आपके पप्पू को वंदे मातरम से आखिर क्या तकलीफ है। इस बात का कड़ा विरोध करते हुए हुड्डा ने कहा कि सदन में पहले भी वंदे मातरम पूरी गरिमा के साथ गाया गया था और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उसका पूरा साथ दिया है। भूपेंद्र हुड्डा ने सदन के रिकॉर्ड से इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को तुरंत हटाने की पुरजोर मांग की

गीता भुक्कल की टिप्पणी पर भड़के भाजपा विधायक

इस हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने एक श्लोक पढ़ते हुए कहा कि ब्राह्मण मत पूजिए जो होवे गुण हीन, पूजिए चरण चंडाल के, जो होवे गुण प्रवीण। गीता भुक्कल ने आगे अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज में रामकुमार गौतम जैसा व्यक्ति भी पैदा हो सकता है, जो हर समय समाज में जातीय जहर घोलने का काम करता रहता है। गीता भुक्कल के इस बयान पर भाजपा के सभी विधायक सदन में भड़क गए और उन्होंने तुरंत गीता भुक्कल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई।

मंत्रियों और नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं

बढ़ते हंगामे के बीच मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संतों की जयंती मनाने के पीछे कोई भी राजनीतिक मकसद नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संतों और बुजुर्गों की लगातार मांग पर ही सरकार ने तमाम संतों की जयंती को अब सरकारी स्तर पर मनाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके साथ ही भाजपा नेता अरविंद शर्मा और मुकेश शर्मा ने भी गीता भुक्कल की इस टिप्पणी पर माफी की कड़ी मांग की। अरविंद शर्मा ने कहा कि छोटी सोच रखने वाले लोग ही आज इस तरह की बातें कर रहे हैं, जबकि यह सरकार बहुत बड़ी सोच और विजन के साथ बनाई गई है। मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हम देश के सभी महापुरूषों की सदैव पूरी श्रद्धा से पूजा करते हैं। विपक्ष के साथियों को भी इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि कौन लोग क्या कर रहे हैं और ऐसी बेतुकी टिप्पणी करने से बिल्कुल बचना चाहिए। महिपाल ढांडा ने कहा कि हम किसी के सर्टिफिकेट देने से नहीं बल्कि अपनी सच्ची भावना से काम कर रहे हैं।

अशोक अरोड़ा की माफी और स्पीकर का फैसला

इस पूरे मामले पर जब सदन में हंगामा बहुत ज्यादा बढ़ गया, तब कांग्रेस विधायक एवं पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा ने आगे आकर कहा कि अगर इससे किसी की भी भावना आहत हुई है तो हम इसके लिए क्षमा मांगते हैं। अशोक अरोड़ा ने कहा कि ब्राह्मण समुदाय हमारे लिए हमेशा से अत्यंत पूजनीय रहा है और गीता भुक्कल का आशय केवल इतना था कि किसी भी समाज में कोई भी महान व्यक्ति पैदा हो सकता है। अंत में, विवाद के ज्यादा बढ़ने पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने भी सदन की कार्यवाही से सभी विवादित शब्दों को पूरी तरह से बाहर करवा दिया

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