हरियाणा मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: महिला स्टार्टअप को 7 साल तक मिलेगी 100 फीसदी नेट एसजीएसटी वापसी

हरियाणा मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: महिला स्टार्टअप को 7 साल तक मिलेगी 100 फीसदी नेट एसजीएसटी वापसी

हरियाणा सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन के कई नए अवसर प्रदान कर दिए हैं। राज्य सरकार अब अपनी सालाना सरकारी खरीद में पात्र हरियाणा-आधारित स्टार्टअप के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित करेगी। इस प्रकार स्टार्टअप्स को केवल कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद ही नहीं मिलेगी, बल्कि सरकारी विभाग उनके संभावित ग्राहक भी बनेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी-2022 के सप्लीमेंट को मंजूरी दे दी गई है।

स्टार्टअप्स के लिए पूरा सपोर्ट सिस्टम

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नई व्यवस्था के तहत निवेश से लेकर बाजार, सरकारी खरीद और महिला उद्यमिता तक स्टार्टअप्स के लिए पूरा सपोर्ट सिस्टम खड़ा करने की कोशिश की गई है। यदि किसी निजी या एंजल निवेशक ने किसी स्टार्टअप में 25 लाख रुपये का निवेश किया है तो सरकार भी 25 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट प्रदान करेगी। वहीं जब कॉरपोरेट कंपनियां किसी स्टार्टअप के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू करती हैं और उसे आगे बढ़ाकर वास्तविक कॉन्ट्रैक्ट में बदलती हैं तो सरकार 10 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देगी।

सरकारी खरीद में मिलेगी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी

स्टार्टअप्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती अक्सर कोई नया आइडिया या कंपनी शुरू करना नहीं, बल्कि अपना पहला बड़ा ग्राहक हासिल करना होती है। सरकार ने इसी कड़ी को पकड़ने की पूरी कोशिश की है। अब पात्र हरियाणा-आधारित स्टार्टअप्स को सरकारी विभागों की सालाना खरीद में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कॉरपोरेट सेक्टर को भी स्थानीय स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर उसे कॉन्ट्रैक्ट में बदलने पर सरकार 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी। इस प्रकार नीति का मुख्य फोकस अब 'स्टार्टअप बनाओ' से आगे बढ़कर 'स्टार्टअप को कारोबार दो' पर केंद्रित हो गया है।

महिला स्टार्टअप्स और सामान्य स्टार्टअप्स के लिए विशेष पैकेज

महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए नीति में एक विशेष पैकेज रखा गया है। महिला स्टार्टअप्स को एक साल तक लीज रेंट का 50 प्रतिशत हिस्सा, जो कि अधिकतम 10 लाख रुपये तक हो सकता है, वापस मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें लगातार सात साल तक नेट एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मिलेगी। इसकी अधिकतम सीमा फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट के 100 प्रतिशत तक निर्धारित रहेगी। दूसरी ओर, सामान्य स्टार्टअप्स के लिए नेट एसजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति सात साल तक लगातार जारी रहेगी। स्टार्टअप्स में शुरुआती पूंजी की कमी को दूर करने के लिए सीड फंड मैचिंग का भी प्रावधान किया गया है।

क्लाउड खर्च और चंडीगढ़ के स्टार्टअप्स के लिए राहत

टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज के खर्च को भी इस नीति के दायरे में लाया गया है। हरियाणा आधारित स्टार्टअप्स भारत के किसी भी डेटा सेंटर पर हुए ऐसे खर्च का 75 प्रतिशत हिस्सा, जो अधिकतम 2.5 लाख रुपये सालाना है, पांच साल तक वापस ले सकेंगे। एक अन्य अहम बदलाव के तहत चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स को भी हरियाणा की स्टार्टअप नीति में कैटेगरी-2 स्टार्टअप माना जाएगा। इस व्यवस्था से वे भी इस नीति के तहत उपलब्ध सभी प्रकार के लाभ आसानी से हासिल कर सकेंगे।

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