हरियाणा सीएम की दो टूक, प्रापर्टी आईडी की शिकायत चंडीगढ़ तक नहीं पहुंचनी चाहिए

हरियाणा सीएम की दो टूक, प्रापर्टी आईडी की शिकायत चंडीगढ़ तक नहीं पहुंचनी चाहिए

हरियाणा के शहरों से लगातार प्रापर्टी आईडी से संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं। इन शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रापर्टी आईडी से संबंधित कोई भी शिकायत चंडीगढ़ नहीं पहुंचनी चाहिए। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी अपने स्तर पर ही इन शिकायतों का जल्द से जल्द निवारण सुनिश्चित करें।

चंडीगढ़ में हुई उच्च स्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बीती रात चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। यह बैठक शहरी स्थानीय निकाय, नगर योजनाकार एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पीआईडी को लेकर आयोजित की गई थी। इस बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे

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क्रीड और शहरी स्थानीय निकाय विभाग करें समन्वय

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्रीड के साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समन्वय बैठक आयोजित की जाए। पीआईडी से संबंधित समस्याओं का त्वरित गति से समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की दिक्कतें पेश न आएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे सिस्टम को भी पूरी तरह से दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

कितनी प्रापर्टी आईडी हो चुकी हैं अप्रूव

मुख्यमंत्री ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि चार लाख 42 हजार 570 प्रॉपर्टीज में से दो लाख 79 हजार 658 पीआईडी अप्रूव की जा चुकी हैं। शेष प्रॉपर्टीज की आईडी का काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार, विभाजित की जाने वाली 63 हजार 878 पीआईडी में से भी 36 हजार 545 पीआईडी अब तक अप्रूव कर दी गई हैं।

लंबित ऑबजेक्शन जल्द होंगे पूरे

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कुल 50 लाख 50 हजार 72 प्रॉपर्टीज में से स्थानीय निकायों से संबंधित 19 हजार 403 ऑब्जेक्शन लंबित पड़े हुए हैं। इन सभी लंबित ऑब्जेक्शन को भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा

वैध कॉलोनियों और कमर्शियल गतिविधियों पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी को लेकर विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि यदि वैध कॉलोनियों की सीमा में कोई प्लॉट खाली है तो उसे भी वैध मानते हुए एचएसवीपी की तर्ज पर एक्सटेंशन फीस लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा, यदि किसी प्लॉट या मकान में कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो उन्हें भी विकास शुल्क आदि चार्ज लेकर अनुमति प्रदान की जाए

भूमि का आंकलन और कॉलोनियों को वैध करना

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि को कृषि, कमर्शियल और रेजिडेंशियल श्रेणियों में विभाजित करके उसका आंकलन किया जाए। इसी प्रकार, सभी मानदंड पूरे करने वाली कॉलोनियों को वैध घोषित करने के लिए तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा, फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के मिसमैच को दूर करने के लिए भी त्वरित कार्रवाई की जाए

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कार्य योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ 39 लाख प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख प्रॉपर्टी आईडी का आधार कार्ड से मिलान कर लिया गया है। बाकी बची हुई पीआईडी का मिलान लगभग एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में पीआईडी को लेकर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नई पॉलिसी के तहत काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बिल्डर्स द्वारा बल्क में नई पीआईडी जनरेट करने, व्यक्तिगत तथा पुरानी रजिस्ट्री पर व्यक्तिगत सब आईडी बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की और इन सभी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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