हरियाणा विधानसभा में विधायकों से दुर्व्यवहार के मुद्दे पर राज्यपाल से मिलेगी कांग्रेस

हरियाणा विधानसभा में आज फिर से हंगामा होने की पूरी संभावना है। चंडीगढ़ में 30 अगस्त को यह जानकारी सामने आई है कि हरियाणा विधानसभा में प्रदर्शन करने के दौरान प्रवेश पर रोके जाने के पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस अब एक बड़ा मुद्दा बनाएगी। मानसून सत्र के पहले दिन आठ विधायकों के निलंबन से कांग्रेस के विधायक काफी गुस्साए हुए हैं। इसी गुस्से के चलते कांग्रेस विधायक सोमवार को सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात करेंगे। इससे यह बिल्कुल साफ हो गया है कि सोमवार को भी विपक्ष सदन के भीतर हंगामा करने की पूरी तैयारी के साथ उतरेगा।
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र और प्रदर्शन
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र पिछले महीने की 27 तारीख को शुरू हुआ था। कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकों ने काले कपड़े पहने हुए थे। उन्होंने पेपर लीक होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए भर्ती प्रक्रिया में युवाओं के साथ कथित धोखाधड़ी का विरोध किया। इसके अलावा उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी और सफाई कर्मचारियों के समर्थन में भी आवाज उठाई। सभी विधायकों ने अपने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं और वे प्रदर्शन करते हुए विधानसभा की तरफ पैदल मार्च कर रहे थे।
मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों और विधायकों में टकराव
जब कांग्रेस विधायक विधानसभा के मुख्य द्वार पर पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई अन्य कांग्रेस विधायकों को मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुरक्षा अमले पर मारपीट करने का गंभीर आरोप भी लगाया। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी दोनों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ धक्का-मुक्की के वीडियो जारी किए। दोनों पार्टियों ने इन वीडियो को जारी करके अपने-अपने दावों को पूरी तरह से पुष्ट करने की कोशिश की।
सदन के भीतर हंगामा और आठ विधायकों का निलंबन
सदन के भीतर विपक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही को बिल्कुल भी नहीं चलने दिया। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। इस भारी हंगामे के बाद विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कड़ा कदम उठाते हुए आठ विधायकों को निलंबित कर दिया। अब तीन दिन के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही एक बार फिर से दोबारा शुरू होगी। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने पहले से ही सरकार को विधायकों के साथ हुए दुर्व्यवहार के मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
राज्यपाल से मुलाकात और हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस पार्टी के विधायकों का एक शिष्टमंडल सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यपाल से मुलाकात करेगा। कांग्रेस पार्टी के चीफ व्हिप बी.बी. बत्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि 10 विधायकों का एक विशेष पैनल दोपहर के ठीक 12 बजे गवर्नर से मुलाकात करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देगा और इस मामले में हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग करेगा।