हरियाणा में कौशल कर्मियों और घोटालों के खिलाफ 19 अगस्त को पंचकूला में एचकेआरएन दफ्तर के सामने धरना देगी कांग्रेस, हुड्डा का बड़ा ऐलान

चंडीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान किया है। कांग्रेस पार्टी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को पक्का करने और अन्य मुख्य मांगों को लेकर 19 अगस्त को पंचकूला में एचकेआरएन दफ्तर के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, हरियाणा कांग्रेस पार्टी प्रभारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस बड़े धरना-प्रदर्शन के संयोजक की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा को सौंपी गई है।
कौशल कर्मियों को पक्का करने और समान वेतन की मांग
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कौशल निगम के तहत लगे सभी कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए और भविष्य में कच्ची भर्तियों की बजाय केवल पक्की भर्तियां की जाएं। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 1,25,000 कौशल कर्मियों को पक्का करने का बड़ा ऐलान किया था, लेकिन लगभग 2 साल बीत जाने के बाद भी आज तक इन कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का कोई भी कानून या आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। इसी वजह से इन सभी कर्मचारियों के सिर पर हमेशा नौकरी जाने का खतरा मंडराता रहता है और सरकार आए दिन किसी न किसी बहाने से इन कौशल कर्मियों को नौकरी से बाहर निकालती रहती है। हुड्डा ने मांग की कि जिस काम के लिए कौशल कर्मियों को बमुश्किल 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते हैं, उसके लिए पक्के कर्मचारियों को कम से कम 60 हजार रुपये वेतन मिलता है, इसलिए कौशल कर्मियों को भी उनके बराबर वेतन मिलना चाहिए और भविष्य में सभी नई भर्तियां रेगुलर बेसिस पर पूरी तरह से मेरिट के आधार पर की जानी चाहिए।
सरकार के घोटालों को उजागर करने के लिए बनेगी विशेष कमेटी
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जानकारी दी कि कांग्रेस पार्टी ने इस सरकार के तमाम घोटालों का गहराई से अध्ययन करने और उन्हें जनता के सामने उजागर करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने का बड़ा फैसला लिया है। इस विशेष कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा होंगे और विधायक रघुबीर सिंह कादियान इसके विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। इन दोनों वरिष्ठ विधायकों के पास पूरा अधिकार होगा कि वे इस कमेटी में और किस-किस को सदस्य के रूप में शामिल करना चाहते हैं, उसे तय करें। हुड्डा ने यह भी बताया कि आने वाले विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank), एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) में हुए कथित घोटालों पर चर्चा करने के लिए सदन में काम रोको प्रस्ताव लेकर आएगी। इसके अलावा प्रदेश में कानून-व्यवस्था के लगातार पतन, बढ़ते संगठित अपराध, प्रॉपर्टी टैक्स तथा कलेक्टर रेट के आधार पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी किए जाने के गंभीर मुद्दों पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा।
खाद के संकट और किसानों की असंवेदनशीलता पर सरकार को घेरा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि यह सरकार किसानों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशील बनी हुई है और इसी कारण से केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा के लिए आवंटित यूरिया व अन्य खाद का स्टॉक भी राज्य सरकार द्वारा नहीं उठाया जा रहा है। अगस्त महीने तक केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा राज्य के लिए कुल 9 लाख 59 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद आवंटित की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसमें से केवल 8 लाख 14 हजार 319 मीट्रिक टन यूरिया ही उठाया है। ठीक इसी प्रकार डीएपी (DAP) खाद 2.53 लाख मीट्रिक टन आवंटित हुई थी, जिसमें से सरकार ने मात्र 1.15 लाख मीट्रिक टन ही उठाया है। सरकार का यह रवैया साफ दर्शाता है कि इनका एकमात्र मकसद यही है कि किसान भाईयों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़े और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़े।
कांग्रेस की खेल नीति और ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र
मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस पार्टी की पुरानी खेल नीति पर की गई टिप्पणियों का करारा जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गई खेल नीति की आज भी पूरे देश और पूरी दुनिया में जमकर सराहना की जाती है। यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ था कि कांग्रेस सरकार ने खेलों में बड़े पदक जीतने वाले 17 खिलाड़ियों को सीधे तौर पर डीएसपी (DSP) के पद पर नियुक्त किया था। हुड्डा ने आगे बताया कि कांग्रेस सरकार ने ही पदक विजेता खिलाड़ियों को पूरी दुनिया में सबसे अधिक 5 करोड़ रुपये तक का नकद इनाम देने की नीति तैयार की थी। इसके अलावा स्कूली स्तर से ही छोटे खिलाड़ियों को तराशने के उद्देश्य से लगभग 20 लाख बच्चों के लिए स्पैट (SPAT) गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिता की शुरुआत की गई थी और छोटे बच्चों के लिए स्कूल तथा एकेडमी के स्तर पर डाइट भत्ता देना भी शुरू किया गया था।