हरियाणा में 1400 अनुबंधित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए विधेयक पारित करने की उठी मांग

हरियाणा में 1400 अनुबंधित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए विधेयक पारित करने की उठी मांग

चंडीगढ़ में 26 अगस्त को हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक संघ (हुकटा) ने एक बड़ी मांग उठाई है। हुकटा ने प्रदेश के विभिन्न राजकीय विश्वविद्यालयों में कार्यरत करीब 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स की सेवा सुरक्षा के लिए प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र में पारित करवाने की मांग की है। यह मांग प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करके रखी है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने यह आश्वस्त किया है कि अधिकारियों को जॉब सिक्योरिटी का काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

विधेयक और प्रशासनिक औपचारिकताएं

हुकटा ने मुख्यमंत्री के समक्ष ‘हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर/लेक्चरर्स (सेवा सुरक्षा) बिल, 2026’ का मुख्य मुद्दा उठाया है। संगठन ने प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कराने का आग्रह किया है। संगठन के अनुसार, शीतकालीन सत्र 2024 से ही उच्चतर शिक्षा विभाग सभी विश्वविद्यालयों से आवश्यक जानकारी ले चुका है। उच्चतर शिक्षा विभाग इस विधेयक को मुख्य सचिव कार्यालय की मानव संसाधन शाखा में आगामी कार्रवाई के लिए पहले ही भेज चुका है।

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शिक्षकों की योग्यता और अनुभव

डॉ. विजय मलिक ने कहा है कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां यूजीसी नेट और पीएचडी जैसी निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुई हैं। ये नियुक्तियां विधिवत विज्ञापन और पूरी तरह से पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं। कई शिक्षक पिछले 5 से 15 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, नियमित भर्ती के दौरान हमेशा इनकी नौकरी जाने का बड़ा खतरा बना रहता है। इसके अलावा, कई शिक्षक नियमित भर्ती की आयु सीमा के बिल्कुल करीब या फिर उससे आगे भी पहुंच चुके हैं।

वेतन और रोजगार सुरक्षा की उम्मीद

उन्होंने यह भी कहा कि अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर 57700 रुपये के शुरुआती वेतन पर पिछले कई वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों को कोई भी नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं मिल रही है। हुकटा किसी भी रूप में नियमित भर्ती का विरोध नहीं करता है, बल्कि वह केवल पहले से अनुभवी शिक्षकों के रोजगार को सुरक्षित करने की मांग करता है। संगठन ने यह गहरी उम्मीद जताई है कि रक्षाबंधन के इस पवित्र अवसर पर सरकार करीब 1400 शिक्षकों को रोजगार सुरक्षा का बंधन देकर इस विधेयक को एक पक्के एक्ट का रूप देगी।

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