अध्यापकों और कर्मचारियों की एक्सटेंशन पर सख्त हुआ शिक्षा विभाग, छह माह पहले भेजनी होगी फाइल

हरियाणा में अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सेवा जारी रखने के मामलों में लापरवाही बरतने पर शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने ग्रुप ए व बी के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए जिला स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय के संज्ञान में यह बात आई है कि क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के सेवा-वृद्धि से संबंधित मामले समय पर नहीं भेजे जा रहे हैं।
सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने को लेकर नए निर्देश
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की तरफ से निदेशक एससीईआरटी गुरुग्राम, सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है। विभाग का कहना है कि जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जारी किए गए पत्र में इस बात पर गहरी नाराजगी जताई गई है कि कई बार निर्देश देने के बाद भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
मुख्य सचिव की हिदायतों का पालन अनिवार्य
हरियाणा के मुख्य सचिव की हिदायतों के मुताबिक यह नियम बनाया गया है कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के 55 वर्ष की आयु पूरी होने से कम से कम छह माह पहले सेवा-वृद्धि का मामला निदेशालय को भेजना जरूरी है। मुख्यालय स्तर पर ऐसे सभी मामलों का एक महीने के भीतर निपटारा किया जाना तय किया गया है। 55 से 58 वर्ष तथा 58 से 60 वर्ष तक सेवा-विस्तार के मामलों को लेकर यह सख्ती बरती जा रही है।
देरी होने पर होगी सख्त कार्रवाई और दंड
शिक्षा निदेशालय ने अपनी चेतावनी में बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि आदेशों की अवहेलना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यदि किसी कर्मचारी का मामला 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद देरी से भेजा गया, तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी को दंड नियम-7 के तहत उत्तरदायी माना जाएगा। जिला अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सेवा-विस्तार से जुड़े सभी मामलों को तय समयसीमा के भीतर भेजना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी से बचा जा सके।