हरियाणा के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बनेंगे फ्लू कॉर्नर, सरकार ने दिए सख्त निर्देश

हरियाणा सरकार आगामी इन्फ्लूएंजा सीजन को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर तक तैयार किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। प्रदेशभर में सभी जिलों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को खास निर्देश दिए गए हैं। इन अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जांच सुविधाओं और संक्रमण नियंत्रण सामग्री की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। क्रिटिकल केयर संसाधनों की पुख्ता व्यवस्था करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार को इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा की तरफ से यह आदेश जारी हुए हैं। प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को इसके बारे में बता दिया गया है। सभी मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को भी विस्तृत एडवाइजरी भेजी गई है। इस एडवाइजरी में सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
अस्पतालों में सक्रिय रहेंगे विशेष फ्लू कॉर्नर
प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष फ्लू कॉर्नर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में भी यह फ्लू कॉर्नर पूरी तरह से काम करेंगे। बुखार, सर्दी, खांसी और गले में खराश के लक्षणों वाले मरीजों की जांच होगी। फ्लू जैसे अन्य लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की यहां पर सबसे पहले जांच की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर ही इन सभी मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे संभावित संक्रमित मरीजों की बहुत जल्द पहचान हो सकेगी। समय पर मरीजों की जांच और उनका सही उपचार शुरू किया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि इन्फ्लूएंजा की निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत कर दिया गया है। जांच व्यवस्था को भी अब और अधिक बेहतर बनाया गया है। इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी मरीजों की जांच हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
निजी अस्पतालों और आईएमए का भी लिया जाएगा सहयोग
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस दौरान एक और अहम बात साझा की है। उन्होंने बताया कि इन्फ्लूएंजा की निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस काम के लिए निजी अस्पतालों का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की भी मदद ली जाएगी। सरकार सभी के साथ मिलकर इस फ्लू सीजन से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।