त्योहारी सीजन से पहले हरियाणा सरकार खाद्य सुरक्षा को लेकर हुई सख्त

त्योहारी सीजन को देखते हुए हरियाणा सरकार खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। एनालॉग पनीर पर सख्ती बरती जा रही है और घी के नाम पर बिकने वाले उत्पादों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। औचक निरीक्षण और छापेमारी के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने पर सहमति बनी है। चंडीगढ़ में 11 सितंबर को यह जानकारी सामने आई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निरीक्षण एवं निगरानी को तेज करने के लिए भी कहा है। असुरक्षित और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की दूसरी बैठक थी। इस बैठक में प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग और बिक्री बढ़ने की पूरी संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए सैंपलिंग और प्रवर्तन गतिविधियों में खास तौर पर तेजी लाई जानी चाहिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की रणनीति असुरक्षित खाद्य पदार्थों की शीघ्र पहचान करने पर केंद्रित है। वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। फील्ड निरीक्षण एवं प्रवर्तन व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। खाद्य कारोबार संचालकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी इस रणनीति का मुख्य हिस्सा है।
बैठक में खाद्य सुरक्षा कानूनों के उल्लंघन के मामलों की जानकारी दी गई। इन मामलों में दोषसिद्धि की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2023-24 में यह संख्या 47 थी। वर्ष 2025-26 में बढ़कर दोषसिद्धि की यह संख्या 111 हो गई है। चालू वित्त वर्ष में 31 अगस्त, 2026 तक कुल 265 मामलों में दोषसिद्धि हुई है। इस दौरान 55.86 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रवर्तन कार्रवाई के तहत कुल 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
बैठक के दौरान एनालॉग और नॉन-डेयरी पनीर के विरुद्ध की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस बारे में विस्तार से बताया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के तहत प्रदेश में एनालॉग और नॉन-डेयरी पनीर बनाने पर रोक है। इसके भंडारण, वितरण और बिक्री पर भी एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
बैठक में कुछ अन्य उत्पादों के दिशा-निर्देशों की भी समीक्षा की गई। इसमें ‘घी’, ‘घी का दीया’ और ‘पूजा का घी’ के नाम से बिकने वाले उत्पाद शामिल थे। घी के रूप में लेबल किए गए, वर्णित, प्रस्तुत या बेचे जाने वाले उत्पादों के लिए नियम तय हैं। ऐसे सभी उत्पादों के लिए निर्धारित घी मानकों का पालन करना पूरी तरह अनिवार्य है।