हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी, विधानसभा में रिपोर्ट पेश

हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी का मामला सामने आया है। सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक रिपोर्ट पेश की है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री आरती सिंह राव ने विधानसभा में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के 2572 पद रिक्त हैं। इसके साथ ही पैरामेडिकल अमले के 2742 पद भी खाली पड़े हैं। इस तरह राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कुल 5314 पद खाली पड़े हैं।
विधायक के सवाल पर दी गई जानकारी
नूंह के विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में यह सवाल उठाया था। उनके सवाल के जवाब में ही सरकार ने यह जानकारी सदन में रखी है। विधायक आफताब अहमद ने अप्रैल 2024 से जून 2026 तक के आंकड़े मांगे थे। उन्होंने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल अमले के रिक्त पदों का जिलावार ब्यौरा मांगा था। सरकार द्वारा दिए गए इन आंकड़ों से स्वास्थ्य सेवाओं की असल तस्वीर सामने आई है।
जिलावार रिक्त पदों के आंकड़े
सामने आए आंकड़ों के अनुसार जींद मेडिकल कॉलेज में स्थिति बेहद गंभीर है। जींद में डॉक्टरों के 559 पदों में से 555 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ के 623 पदों में से 617 पद खाली हैं। महेंद्रगढ़ जिले में भी हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ में चिकित्सकों के 559 में से 492 पद खाली हैं। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में पैरामेडिकल स्टाफ के 744 में से सभी 744 पद यानी शत-प्रतिशत पद रिक्त हैं। इन दोनों जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
अन्य जिलों के मेडिकल कॉलेजों का हाल
रोहतक के पंडित बी.डी. शर्मा पीजीआईएमएस में भी कई पद खाली हैं। रोहतक में चिकित्सकों के 852 पदों में से 341 पद रिक्त हैं। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ के 1967 पदों में से 397 पद खाली पड़े हैं। करनाल जिले की बात करें तो वहां 367 में से 200 चिकित्सक और 400 में से 181 पैरामेडिकल पद खाली हैं। सोनीपत में 408 में से 213 चिकित्सक और 276 में से 132 पैरामेडिकल पद रिक्त हैं। फरीदाबाद में 184 में से 97 चिकित्सक और 388 में से 242 पैरामेडिकल पद खाली हैं। नूंह में 362 में से 197 चिकित्सक और 557 में से 104 पैरामेडिकल पद खाली पड़े हैं। भिवानी जिले में 552 में से 477 चिकित्सक और 325 में से 325 पैरामेडिकल पद रिक्त हैं।
सरकार के सामने बड़ी चुनौती
जून 2026 तक के ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हर स्तर पर भारी कमी है। कुल 5314 रिक्त पदों में 2572 चिकित्सक और 2742 पैरामेडिकल पद शामिल हैं। सरकार के सामने विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती करना बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ के बड़े पैमाने पर रिक्त पदों को भरना भी आवश्यक हो गया है। सरकार का कहना है कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में ग्रुप-सी के रिक्त पदों को भरने के लिए मांग पत्र भेजा जा चुका है। इन सभी पदों को भरने के लिए 21 एवं 28 जनवरी को एचएसएससी (HSSC) को मांग भेज दी गई थी।