हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की री-एम्पलायमेंट नीति में किया बदलाव, अब समिति की सिफारिश पर होगी कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने सरकारी सेवाओं में री-एम्पलायमेंट से जुड़े मामलों की जांच और सिफारिश के लिए पहले से गठित समिति में आंशिक संशोधन करते हुए नई समिति का गठन किया है। यह बड़ा कदम चंडीगढ़ में उठाया गया है जहां सरकार ने समिति का पुनर्गठन किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब समिति अपनी सिफारिशें संबंधित प्रशासनिक विभागों को प्रस्तुत करेगी। इन सिफारिशों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समिति का पुनर्गठन और मुख्य सचिव के आदेश
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल, डॉ. सुमिता मिश्रा और विनीत गर्ग को समिति में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। यह समिति री-एम्पलायमेंट से संबंधित व्यक्तिगत मामलों की जांच करेगी। इसके साथ ही यह समिति प्रशासनिक विभागों द्वारा भेजे जाने वाले किसी वर्ग या श्रेणी के कर्मचारियों से संबंधित मामलों की भी जांच करेगी।
री-एम्पलायमेंट के लिए जरूरी शर्तें और पुरानी तिथियां
ऐसे मामलों में री-एम्पलायमेंट तभी विचाराधीन होगी जब इसे जन सेवाओं की दक्षतापूर्ण डिलीवरी तथा संबंधित विभागों के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक माना जाए। गौरतलब है कि यह समिति पूर्व में 20 जून, 2025 को गठित की गई थी। इस समिति में 5 सितंबर, 2025 को भी संशोधन किया गया था।