हरियाणा सरकार लेगी ऐतिहासिक श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम का संचालन अपने हाथ, मानसून सत्र में आएगा बिल

हरियाणा सरकार लेगी ऐतिहासिक श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम का संचालन अपने हाथ, मानसून सत्र में आएगा बिल

चंडीगढ़ से सामने आई बड़ी खबर के अनुसार, हरियाणा सरकार पानीपत के ऐतिहासिक चुलकाना धाम का संचालन अब सीधे अपने हाथों में लेने जा रही है। गुरुवार से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार सदन में 'हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन बिल, 2026' पेश करने जा रही है। इस बिल को लाने का मुख्य उद्देश्य इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल का मैनेजमेंट, एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस पूरी तरह से अपने अधिकार क्षेत्र में लेना है।

चुलकाना धाम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

बिल के उद्देश्यों और कारणों के अनुसार, पानीपत जिले के समालखा इलाके के चुलकाना गांव में स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है। यह पवित्र मंदिर श्री खाटू श्याम जी यानी महाभारत काल के बर्बरीक का है, जिन्हें हिंदू धर्म और परंपरा में कलयुग के देवता के रूप में पूजा जाता है और लाखों लोग श्रद्धा के साथ दर्शन करने आते हैं।

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क्यों लाया जा रहा है नया श्राइन बिल

राज्य सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मंदिर का बेहतर मैनेजमेंट, एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। मंदिर से जुड़ी ज़मीन, इमारतों और अन्य सभी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए यह बिल लाया गया है। इसके जरिए यहां आने वाले सभी भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और साथ ही श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों और पूजा करने वालों की सेहत, सुरक्षा और सुविधा को पूरी तरह पक्का किया जा सकेगा।

अध्यादेश से लेकर केंद्र की सलाह और बोर्ड का गठन

इस पूरी प्रक्रिया से पहले, राज्य सरकार एक विशेष अध्यादेश लेकर आई थी और उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा था क्योंकि यह मामला समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है। स्थानीय निकाय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक नया बिल लाने की सलाह दी थी। नए बिल के प्रावधानों के अनुसार, मंदिर और मंदिर के सभी फंड का पूरा मालिकाना हक 'बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड' के पास रहेगा।

बोर्ड के पदाधिकारी और सदस्यों की सूची

तैयार किए गए इस नए बोर्ड की संरचना के तहत, राज्य के मुख्यमंत्री इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे। वहीं, स्थानीय निकाय मंत्री इस महत्वपूर्ण बोर्ड के वाइस-चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्थानीय निकाय विभाग के प्रशासनिक सचिव इस बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, सरकार बोर्ड के सदस्य के तौर पर कुल सात लोगों को नॉमिनेट करेगी।

महिलाओं और समिति के प्रतिनिधियों को मिलेगा स्थान

सरकार द्वारा नॉमिनेट किए जाने वाले सदस्यों में दो ऐसी महिलाएं भी शामिल होंगी जिन्होंने हिंदू धर्म की सेवा में बहुत ही खास योगदान दिया हो। श्री श्याम मंदिर सेवा समिति (रजिस्टर्ड), चुलकाना धाम के एक प्रतिनिधि को भी सदस्य के तौर पर नॉमिनेट किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इस समिति ने साल 2025 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में मंदिर के मैनेजमेंट को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने के फैसले को कानूनी रूप से चुनौती दी थी।

कैसे सुलझाया गया अदालत का मामला

कोर्ट में चल रहे इस कानूनी विवाद के दौरान, राज्य सरकार ने बोर्ड में समिति के एक प्रतिनिधि को भी शामिल करने पर सहमति जता दी। सरकार के इस सहमति वाले कदम के बाद आपसी बातचीत से सारा मामला पूरी तरह से सुलझा लिया गया और अब सरकार विधानसभा सत्र के जरिए इसे कानूनी जामा पहनाने जा रही है।

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