हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी करने का किया आह्वान

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी करने का किया आह्वान

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज स्नातकों से आचार्य जगदीश चंद्र बोस के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का स्पष्ट आह्वान किया है। उन्होंने यह बात जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी के इस वर्तमान दौर में आचार्य बोस की जिज्ञासा और नवाचार की भावना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक बन चुकी है।

युवा पीढ़ी से विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सीधे भागीदारी करने का आग्रह करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी इसे केवल एक अवसर के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपनी एक बड़ी जिम्मेदारी समझें। इस दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की और अपना दीक्षांत भाषण दिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने की अनुसंधान के लिए अनुदान की घोषणा

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हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष का युवाओं से आह्वान: विकसित, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में करें भागीदारी

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  • जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हुए, विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्री, मैडल**

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  • राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में दीनदयाल उपाध्याय नॉलेज रिसोर्स सेंटर, ईवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और विजुअल डिजाइन एवं एनीमेशन स्टूडियो का किया उद्घाटन**

चंडीगढ़/14 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपना स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की अकादमिक, अनुसंधान, नवाचार, बुनियादी ढांचे और छात्र-विकास पहलों को अपनी प्रगति रिपोर्ट में सबके सामने प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए अपने विवेकाधीन फंड से पूरे 25 लाख रुपये का अनुदान देने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फंड का एक हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के होनहार छात्रों की मदद करने के लिए पूरी तरह इस्तेमाल किया जाएगा।

दीक्षांत समारोह के औपचारिक शुभारंभ से पहले, प्रो. असीम कुमार घोष ने चार प्रमुख संस्थागत परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन नई परियोजनाओं में दीनदयाल उपाध्याय ज्ञान संसाधन केंद्र, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और मीडिया स्टूडियो शामिल हैं। इसके तुरंत बाद, राज्यपाल तथा अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों ने आचार्य जे.सी. बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पारंपरिक शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

डिग्री और पदकों का किया गया वितरण

अपने मुख्य संबोधन में प्रो. असीम कुमार घोष ने सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं, पदक विजेताओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने फरीदाबाद के औद्योगिक विकास और हरियाणा में तकनीकी शिक्षा के विकास के साथ विश्वविद्यालय के पुराने और गहरे संबंध का विशेष रूप से उल्लेख किया। वर्ष 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक अपना पाठ्यक्रम पूरा करने वाले कुल 3,877 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें कुल 2,079 छात्र और 1,798 छात्राएं शामिल थीं।

दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वालों में कुल 68 शोधार्थी भी शामिल थे, जिनमें से 46 महिला शोधकर्ता थीं। विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2024 और 2025 के लिए दो-दो विद्यार्थियों को गवर्नर-चांसलर मेडल और चीफ मिनिस्टर मेडल प्रदान किए गए। इसके अलावा, 19 विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए वाइस-चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया, जिससे विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखने को मिला।

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