हरियाणा के राज्यपाल ने शिक्षकों से किया मार्गदर्शक और आदर्श बनने का आह्वान

चंडीगढ़ में आयोजित 7वें टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड्स समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शिक्षक समुदाय को महत्वपूर्ण संदेश दिया। राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का यह आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए केवल शिक्षक की भूमिका तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, आदर्श और प्रेरणास्रोत के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
यह पूरा कार्यक्रम गुरुवार को मानव मंगल स्मार्ट स्कूल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने अपने विचार रखे। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्कूलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के 11 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने मानव मंगल स्मार्ट स्कूल के शिक्षकों को उनके योगदान और समर्पण के लिए प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस विशेष अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित थीं। लगातार सात वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने की इस बेहतरीन पहल के लिए राज्यपाल ने मानव मंगल ग्रुप को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों को वह सम्मान और पहचान प्रदान करते हैं जिसके वे वास्तव में अधिकारी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज की प्रगति और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इसके बावजूद उनका योगदान अक्सर सुर्खियों से बहुत दूर रह जाता है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हम जीवन बचाने वाले डॉक्टरों का सम्मान करते हैं। हम राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले इंजीनियरों का भी सम्मान करते हैं। इसके अलावा हम नवाचार और अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिकों का भी सम्मान करते हैं।
लेकिन राज्यपाल ने यह भी कहा कि इन सभी की सफलता की नींव एक शिक्षक द्वारा ही रखी जाती है। शिक्षक ही उन लोगों को उस समय तैयार करता है जब दुनिया उनके नाम से भी परिचित नहीं होती। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक कभी भी केवल अपना पाठ्यक्रम पूरा नहीं करता।
एक अच्छा शिक्षक हमेशा विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करता है। वह विद्यार्थियों के मन में नई जिज्ञासा जगाता है। वह उन्हें बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास और उन सपनों को साकार करने का साहस भी प्रदान करता है।
इस समारोह में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पुरस्कार विजेता पहुंचे थे। राज्यपाल ने इन सभी विजेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल यह दर्शाती है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। यह उत्कृष्टता ट्राइसिटी और आसपास के क्षेत्रों की साझा शैक्षिक शक्ति का एक बड़ा प्रतीक है।
शिक्षा के क्षेत्र में इन दिनों बहुत तेजी से तकनीकी बदलाव हो रहे हैं। राज्यपाल ने इन बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल उपकरण आज ज्ञान तक पहुंचने के तरीकों को बदल रहे हैं। वे ज्ञान को साझा करने के तरीकों को भी बदल रहे हैं।
लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि तकनीक कभी भी एक अच्छे शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक कभी भी शिक्षक के मानवीय स्पर्श, सहानुभूति, विवेक और नैतिक मार्गदर्शन की जगह नहीं ले सकती। इस अवसर पर मानव मंगल ग्रुप ऑफ स्कूल्स के निदेशक संजय सरदाना सहित स्कूल प्रबंधन के अन्य प्रतिनिधि भी वहां उपस्थित थे।