हरियाणा सरकार का बड़ा कदम: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 18 अस्पताल आयुष में एम्पैनल्ड

हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मई 2023 में लागू की गई आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति के तहत 18 अस्पतालों को एम्पैनल्ड किया गया है। सरकारी कर्मचारी, पेंशन भोगी व आश्रित अब इन अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की जानकारी
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत यदि कोई पात्र व्यक्ति पारंपरिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से अपना इलाज कराता है, तो उसके द्वारा किए गए चिकित्सा खर्चों की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जा रही है।
पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा
इस नीति का मुख्य उद्देश्य एलोपैथी के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देना है। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य देखभाल के अधिक विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों से कराया गया इलाज पूरी तरह से कवर होता है। सरकार की इस पहल से उन पुरानी बीमारियों के इलाज में मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है, जहाँ लोग एलोपैथी की जगह पारंपरिक और प्राकृतिक उपचार को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
अस्पतालों का हुआ सूचीबद्धीकरण
आयुष नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने के लिए अस्पतालों के सूचीबद्धीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति के तहत अब तक आयुष विभाग द्वारा 18 निजी एवं विशेषज्ञ अस्पतालों को एम्पैनल्ड किया जा चुका है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीज आयुष पद्धतियों से उपचार प्राप्त कर सकते हैं और बाद में नीति के नियमानुसार अपने खर्चों का दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस नेटवर्क को और अधिक मजबूत करना है ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी निकटतम आयुष केंद्रों का लाभ मिल सके।