हरियाणा में निवेश के लिए कंपनियों ने किए 66,000 करोड़ के एमओयू, मुंबई में हुआ बड़ा कार्यक्रम

हरियाणा में निवेश के लिए कंपनियों ने किए 66,000 करोड़ के एमओयू, मुंबई में हुआ बड़ा कार्यक्रम

चंडीगढ़, 24 अगस्त। हरियाणा सरकार द्वारा भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बड़ा आयोजन किया गया है। मुंबई में 'हैपनिंग हरियाणा 2.0' अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कैंपेन का आयोजन किया गया था। इस कैंपेन के दूसरे दिन हरियाणा में निवेश के लिए एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। विभिन्न कंपनियों ने हरियाणा में निवेश के लिए 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस महत्वपूर्ण मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी रही। इन दोनों की उपस्थिति में अधिकारियों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने एमओयू एक्सचेंज किए।

मुंबई दौरे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संबोधन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई दौरे के दूसरे दिन एक बड़ा भाषण दिया। उन्होंने विभिन्न देशों के कन्सुलेट जनरल्स, उद्योग जगत की हस्तियों, निवेशकों तथा मुंबई के वित्तीय एवं कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा में निवेशकों को केवल भूमि, प्रोत्साहन और अप्रूवल ही नहीं मिलते हैं। इसके साथ ही हरियाणा निवेशकों को स्केल, स्पीड, नीति-निश्चितता और सांझा समृद्धि पर आधारित एक रणनीतिक सांझेदारी प्रदान करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार फाइल मूवमेंट पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करती है। हरियाणा सरकार केवल और केवल प्रोजेक्ट मूवमेंट पर विश्वास करती है।

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देश की आर्थिक बुनियाद और हरियाणा का योगदान

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, विनिर्माण, स्टार्टअप, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता ने देश की आर्थिक बुनियाद को बहुत मजबूत किया है। भारत देश अब विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बहुत तेजी से अग्रसर हो रहा है। देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा राज्य राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में करीब 3.6 प्रतिशत का बड़ा योगदान देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा अब ऑटोमोबाइल, कृषि-उद्योग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, आईटी सेवाओं और कॉरपोरेट गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। गुरुग्राम वैश्विक सेवा एवं प्रौद्योगिकी हब के रूप में स्थापित है। फरीदाबाद इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में जाना जाता है। मानेसर ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-कंपोनेंट क्लस्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, करनाल और सोनीपत सहित प्रदेश के विभिन्न जिले अपनी विशिष्ट औद्योगिक एवं कृषि-आधारित पहचान के साथ राज्य के विकास में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं।

गुरुग्राम इंडस्ट्री पॉलिसी लॉन्च और एमओयू के आंकड़े

नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि गत दिनों गुरुग्राम में एक विशेष इंडस्ट्री पॉलिसी लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस एक ही कार्यक्रम में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे। इन एमओयू को साइन करने वाली कुल 123 कंपनियों में से 108 कंपनियों को जमीन भी प्रदान कर दी गई है। हरियाणा राज्य के लिए एमओयू सिर्फ एक साइनिंग सेरेमनी नहीं है बल्कि यह एक पक्की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

निवेशकों को हरियाणा सरकार की 5 गारंटियां

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हरियाणा सरकार निवेशकों को कुल 5 गारंटियां देती है। इन पांच गारंटियों में नीति की स्थिरता, समयबद्ध निर्णय एवं स्वीकृतियां शामिल हैं। इसके अलावा परियोजनाओं की सक्रिय हैंड-होल्डिंग, उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल एवं कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी जाएगी। निवेश के साथ स्थानीय रोजगार, एमएसएमई, नवाचार और क्षेत्रीय विकास को जोडऩा भी इन गारंटियों का मुख्य हिस्सा है। उन्होंने उद्योग जगत के सभी लोगों से हरियाणा में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं स्थापित करने का जोरदार आह्वान किया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार निवेशकों को पारदर्शी प्रक्रिया, तेज निर्णय और जवाबदेह शासन के साथ अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

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