हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त जारी, 9.98 लाख बहन-बेटियों को मिले 209.62 करोड़ रुपये

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50,04,873 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1,595 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की है। सरकार ने यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजकर पारदर्शी और सुशासन आधारित व्यवस्था को और मजबूत किया है। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त जारी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशेष रूप से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त जारी की है। इस किस्त के तहत 9,98,000 बहन-बेटियों के खातों में 209 करोड़ 62 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसके साथ ही अब तक इस योजना के तहत 10 किस्तों में 2,042 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों को दी जा चुकी है।
बजट प्रावधान और आय सीमा में बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गत 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ किया था और इसके लिए पहले ही साल के बजट में 5,000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस पर इस योजना के लिए निर्धारित आय सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इससे अधिक पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
महिला पंजीकरण और विपक्ष के बहकावे से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि सितंबर माह से 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की बहन-बेटियां भी दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ ले रही किसी भी माता-बहन-बेटी को मिल रहा किसी अन्य योजना के लाभ को रोका नहीं जाएगा। इसके लिए विपक्ष के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। महिलाओं से जुड़ी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं के परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये है, उन महिलाओं को भी अब सितंबर माह में फार्म भरने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी बहन को पहले से मिल रहा कोई लाभ नहीं कटेगा।