हरियाणा में 20 हजार से ज्यादा बूथों पर सुना जाएगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 30 अगस्त को प्रसारित होने वाले 137वें संस्करण के लिए हरियाणा के सभी 20 हजार 864 बूथों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शनिवार को प्रदेश संगठन को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्यक्रम रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होगा।
व्यापक तैयारियों के दिए निर्देश
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शनिवार को प्रदेश संगठन को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देशवासियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं और आमजन की सहभागिता के साथ ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण की व्यवस्था करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त, रविवार को सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देश-विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे।
संगठनात्मक स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी करने का आह्वान
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों, मंडलों, शक्ति केंद्रों और बूथ समितियों के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण की आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें। बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रमुख, पन्ना प्रमुख तथा पार्टी के अन्य कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोडऩे का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और विभिन्न वर्गों के लोगों को भी ‘मन की बात’ सुनने के लिए आमंत्रित किया जाए।
राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी और प्रेरक कहानियां
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रधानमंत्री का संबोधन नहीं, बल्कि देश के सामान्य नागरिकों की प्रेरणादायी पहल, नवाचार, सेवा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी की कहानियों को सामने लाने का माध्यम भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले सामान्य नागरिकों और समूहों की प्रेरक कहानियों को देश के सामने रखते हैं। इससे सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और सेवा की भावना को बल मिलता है। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर कार्यक्रम की प्रमुख बातों को साझा करने के साथ-साथ युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को सकारात्मक अभियानों से जोडऩे का प्रयास किया जाए।