हरियाणा में पंचायती राज कानून में संशोधन, अब ग्राम सभा की बैठकों में कम सदस्यों से पूरा होगा कोरम

चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार ने ग्राम सभाओं की बैठकों में गणपूर्ति यानी कोरम को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इसके लिए हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा में पास कर दिया है। इस नए विधेयक में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 11 में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया गया है।
क्यों पड़ी इस संशोधन की जरूरत
सरकार का स्पष्ट तर्क है कि मौजूदा कोरम पूरा नहीं होने के कारण ग्राम सभाओं की बैठकें बार-बार स्थगित करनी पड़ती हैं। इस वजह से सरकारी योजनाओं और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं से जुड़े सभी जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित होते हैं। पुरानी व्यवस्था में निर्धारित कोरम को पूरा करना काफी मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते अपेक्षित कार्रवाई समय पर नहीं हो पाती थी।
सामान्य ग्राम सभा के अधिवेशन के लिए नया नियम
संशोधन के नियमों के अनुसार, अब सामान्य ग्राम सभा के अधिवेशन के लिए ग्राम सभा के सदस्यों का एक बटा दस हिस्सा अथवा तीन सौ सदस्य, इनमें से जो भी कम होगा, वह गणपूर्ति के लिए पूरी तरह पर्याप्त माना जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि बड़ी ग्राम सभाओं में भी कोरम की संख्या को व्यावहारिक स्तर पर रखने का पूरा प्रयास किया गया है ताकि बैठकें रद्द न हों।
लाभार्थियों और विकास योजनाओं के लिए कोरम
इस विधेयक में सरकारी योजना के लिए पात्र लाभार्थियों पर विचार करने, उसे मंजूर करने अथवा ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए होने वाली ग्राम सभा की बैठक के कोरम को भी पूरी तरह तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मुख्य बैठक में कुल सदस्यों के 20 प्रतिशत, पहली स्थगित बैठक में 15 प्रतिशत तथा दूसरी स्थगित बैठक में निर्धारित संख्या में सदस्यों की उपस्थिति को गणपूर्ति के रूप में तय किया गया है।
विधेयक का मुख्य उद्देश्य और समयबद्धता
इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा की बैठकों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जा सके। विधेयक के उद्देश्यों में साफ कहा गया है कि मौजूदा प्रावधानों के कारण बैठकों में पर्याप्त संख्या में सदस्यों की उपस्थिति नहीं हो पाती थी। प्रस्तावित बदलाव से प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी जिससे ग्राम सभाओं को अपने काम अधिक प्रभावी और समयबद्ध ढंग से पूरे करने में बड़ी मदद मिलेगी।