हिसार: हरियाणा की पराली प्रबंधन नीति और तकनीकों का मध्यप्रदेश में होगा अध्ययन

हिसार: हरियाणा की पराली प्रबंधन नीति और तकनीकों का मध्यप्रदेश में होगा अध्ययन

मध्यप्रदेश विधानसभा की कृषि विकास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र, कुरुक्षेत्र का दौरा किया है। इस प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा में फसल अवशेष प्रबंधन, जल संरक्षण, धान की सीधी बिजाई, कृषि प्रसार और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में अपनाई जा रही तकनीकों एवं नवाचारों की पूरी जानकारी प्राप्त की है।

किसके नेतृत्व में हुआ दौरा और कौन-कौन रहा मौजूद

यह दौरा समिति के सभापति एवं विधायक ठाकुरदास नागवंशी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक महेंद्र रामसिंह यादव, विधायक नीलेश उईके, एडिशनल सेक्रेटरी उमेश शर्मा, अंडर सेक्रेटरी महावीर सिंह, नोडल अधिकारी समीर पटेल तथा हरियाणा विधानसभा के प्रोटोकॉल अधिकारी संजीव शर्मा शामिल रहे। यह पूरा दौरा हकृवि के कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

कुरुक्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी से प्रभावित दिखा मध्यप्रदेश

कुरुक्षेत्र में पराली जलाने के मामलों में आई कमी से मध्यप्रदेश के प्रतिनिधि काफी प्रभावित हुए। उन्होंने हरियाणा की नीति और सब्सिडी मॉडल को बहुत बारीकी से समझा। समिति के सभापति ठाकुरदास नागवंशी ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने के लिए हरियाणा सरकार और विश्वविद्यालय के प्रयास बेहद सराहनीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में लागू सब्सिडी प्रावधानों और नियमों जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करके इन्हें मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा, ताकि वहां भी फसल अवशेष प्रबंधन को पूरी तरह प्रभावी बनाया जा सके।

किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है विश्वविद्यालय

विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने प्रतिनिधिमंडल को पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन, जल संरक्षण, धान की सीधी बिजाई और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए लगातार जागरूक करने का काम कर रहा है। तकनीकी सत्र के दौरान केवीके यमुनानगर के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि किसान मेले, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, जागरूकता कार्यक्रमों और सरकार की सब्सिडी योजनाओं के चलते ही कुरुक्षेत्र में पराली जलाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

बायो-डिकम्पोजर तकनीक और मशीनरी आवंटन नीति की सराहना

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के वैज्ञानिक डॉ. श्रीकांत संदीपम ने पराली के त्वरित निस्तारण के लिए बायो-डिकम्पोजर तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा एडिशनल सेक्रेटरी उमेश शर्मा ने हरियाणा की मशीनरी आवंटन नीति की खुलकर सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने जल संरक्षण की दिशा में धान की सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए केवीके कुरुक्षेत्र और यमुनानगर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी काफी प्रशंसा की। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जबकि सह-निदेशक डॉ. एसके ढांडा ने मंच का संचालन किया। इस कार्यक्रम में केवीके कुरुक्षेत्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार, डॉ. फतेह सिंह, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. ललिता रानी, डॉ. सरिता रानी, डॉ. कविता सहित केंद्र के अन्य सभी कर्मचारी भी मौजूद रहे।

Share:

Comments

Leave a comment