हरियाणा में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक के बाद बिजली कर्मियों ने टाली हड़ताल, सरकार ने मांगों के समाधान का दिया भरोसा

हरियाणा सरकार द्वारा बिजली विभाग में पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग समेत कर्मचारियों की मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने के बाद बिजली कर्मियों ने 11 अगस्त से शुरू होने वाली हड़ताल को टाल दिया है। चंडीगढ़ में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ लंबी बैठक के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार की ओर से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ मैराथन बैठक
बिजली कर्मियों ने यह फैसला सोमवार को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ कई घंटे की मैराथन बैठक के बाद लिया। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में बिजली कर्मचारी यूनियन ने निजीकरण का कड़ा विरोध किया। वहीं, बैठक के दौरान बिजली कर्मियों की मांगों को भी प्रमुखता के साथ उठाया गया जिस पर विस्तार से चर्चा हुई।
निजीकरण और रिस्क अलाउंस पर चर्चा
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत बहुत अच्छे और सकारात्मक माहौल में हुई है। कर्मचारियों की प्रमुख चिंता बिजली क्षेत्र के निजीकरण को लेकर थी जिस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि उसने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग में अपना विरोध दर्ज कराया है। इसके अलावा रिस्क अलाउंस के मुद्दे पर सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है और इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जा रहा है जो आगे की कार्रवाई का रास्ता तय करेगी।
स्मार्ट मीटर और लंबित मांगों पर स्थिति स्पष्ट
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कर्मचारियों की आशंका पर ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी तक इसके लिए कोई टेंडर जारी नहीं किया गया है। स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह से उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा और सरकार इसे अनिवार्य नहीं बना रही है। कर्मचारियों ने सरकार को लंबित मांगों के समाधान के लिए दो महीने का समय दिया है जिसके बाद फिलहाल हड़ताल का संकट टल गया है।