हरियाणा रोडवेज में जल्द भरे जाएंगे 700 परिचालकों के पद, परिवहन मंत्री अनिल विज ने की बैठक

हरियाणा रोडवेज में जल्द भरे जाएंगे 700 परिचालकों के पद, परिवहन मंत्री अनिल विज ने की बैठक

हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने एक अहम बैठक के दौरान बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि हरियाणा रोडवेज में जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे। परिवहन विभाग के कार्यों को बेहतर बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने मंगलवार शाम को चंडीगढ़ में कर्मचारी साझा मोर्चा के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कर्मचारी नेताओं की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लिए गए इन सभी फैसलों का एक माह बाद रिव्यू किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी भी खास रही। इस बैठक में परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार, राज्य परिवहन के निदेशक धीरेन्द्र खटगड़ा और वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव हितेश मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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कर्मचारी यूनियनों की तरफ से भी कई बड़े पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की ओर से राज्य प्रधान अशोध खोखर, राज्य महासचिव सुनील शर्मा, राज्य प्रधान पवन साहरण, चंद्र सोलंकी, कर्मवीर नरवाल, निशान सिंह, दिनेश, नीरज शर्मा, विजय और अशोक कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

परिचालकों की नियुक्ति और पदोन्नति पर बड़ा अपडेट

बैठक में बताया गया कि 2072 नियमित परिचालकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजने हेतु मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए मामला भेजा गया है। इसके अलावा 700 परिचालकों की पदोन्नति भी की जाएगी ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके।

चालक और परिचालकों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। विज ने बताया कि ड्यूटी के दौरान मार्ग में असामाजिक तत्वों द्वारा चालक-परिचालकों के साथ झगड़ा एवं मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। घटना की सूरत में चालक या परिचालक इसकी सूचना अपने संबंधित नोडल अधिकारी को तुरंत देंगे।

कर्मचारियों की 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर बनी सहमति

परिवहन मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि आज की इस बैठक में लगभग 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन गई है। परिचालकों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी के मामले में पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन करके मामला सरकार को भेजा जाएगा। इसी प्रकार, लिपिकों की तर्ज पर परिचालकों को तीन वेतन वृद्धियां देने के संबंध में भी मामला वित्त विभाग को भेजा जाएगा।

चालक, परिचालक, उप-निरीक्षक, निरीक्षक एवं कर्मशाला कर्मचारियों को पूर्व की भांति अर्जित अवकाश देने की मांग पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। इसके अलावा, वर्ष 2018 में कर्मशाला में भर्ती हुए ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने के मामले पर पुन: विचार-विमर्श करके इसे वित्त विभाग एवं सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसी प्रकार, कर्मचारियों को पूर्व की भांति कैलेंडर हॉलिडे देने, एचकेआरएन के तहत नियुक्त परिचालकों एवं हेल्परों तथा पार्ट-2 के तहत लगे हेल्परों को नियमित करने के संबंध में भी विज ने संबंधित अधिकारियों को आगामी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बसों की समय-सारिणी और ओवरटाइम पर निर्देश

विज ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि हरियाणा रोडवेज की बसों की समय-सारिणी में जल्द बदलाव किया जाए और कोई भी निजी बस हरियाणा रोडवेज की बस से कुछ समय पहले न चले। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और उन्हें परिवहन बेड़े में शामिल करने के संबंध में भी चर्चा की गई है तथा अधिकारियों को इस दिशा में आगामी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आठ घंटे की ड्यूटी पूरी होने के बाद नियमानुसार ओवरटाइम दिया जाए। इसी प्रकार, कर्मचारियों की पोस्टिंग आदि का भी रेशनलाइजेशन किया जाएगा।

विज ने बताया कि चालक एवं परिचालकों को रात्रि ठहराव देने तथा 25 दिन के भुगतान से संबंधित शक्तियां संबंधित महाप्रबंधकों को देने का मामला वित्त विभाग को भेजा जाएगा। सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पुलिस कर्मचारियों की तर्ज पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।

वर्दी और जूता भत्ते में बढ़ोतरी को मुख्यमंत्री की मंजूरी

बैठक में वर्दी भत्ता, जूता भत्ता एवं धुलाई भत्ता देने की मांग पर भी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्दी भत्ते के तहत गर्मी की वर्दी के लिए 1,350 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये तथा सर्दी की वर्दी के लिए 1,450 रुपये से बढ़ाकर 1,780 रुपये करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था।

इसी प्रकार जूता भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,600 रुपये करने का प्रस्ताव भी भेजा गया था, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और यह मामला अब वित्त विभाग के पास विचाराधीन है।

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