हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर को होगी राज्यव्यापी हड़ताल

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने 5 सितंबर को राज्यव्यापी हड़ताल का बड़ा ऐलान कर दिया है। रोडवेज कर्मी अपनी मांगों पर बैठक न बुलाए जाने के कारण सरकार से काफी नाराज चल रहे हैं।
चंडीगढ़ से सामने आई जानकारी के अनुसार, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने सरकार पर यह बड़ा आरोप लगाया है कि उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। इस नाराजगी के चलते प्रदेशभर में रोडवेज डिपो के अंदर दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया गया और अपना रोष जताया गया। चंडीगढ़ डिपो में हुए इस प्रदर्शन की अगुवाई नीरज द्वारा की गई। प्रदर्शन के बाद महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा गया। इस पूरे प्रदर्शन का संचालन जसमेर और संदीप कुमार के द्वारा किया गया था।
रोडवेज विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती और लंबित मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नीरज ने मीडिया को बताया कि साझा मोर्चा की तरफ से यह कदम उठाया गया है। रोडवेज विभाग के अंदर चालक, परिचालक, हेल्पर और मैकेनिक समेत हजारों रिक्त पदों पर भर्ती की जानी चाहिए। इसके अलावा अन्य लंबित मांगों को भी सख्ती से लागू करवाया जाना चाहिए। इन सभी मुख्य मुद्दों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने आगामी 5 सितंबर को राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने का पक्का ऐलान किया है।
परिवहन मंत्री के वादों पर अमल न होने से बढ़ा कर्मचारियों का रोष
मोर्चा के वरिष्ठ सदस्यों भूपेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि परिवहन मंत्री कर्मचारियों से किए गए अपने किसी भी वादे पर ठीक से अमल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने पूरी बात समझाते हुए बताया कि बीते 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया गया था। उस दौरान परिवहन मंत्री ने खुद कर्मचारियों के बीच आकर ज्ञापन को अपने हाथों में लिया था। मंत्री ने सभी कर्मचारियों को यह बड़ा आश्वासन दिया था कि ठीक 15 दिन के भीतर उनकी सभी मांगों पर एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
लेकिन तय किया गया समय पूरी तरह से बीत चुका है। इसके बावजूद बैठक बुलाने संबंधी कोई भी अधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है। सरकार के इस रवैये के कारण सभी कर्मचारियों के मन में भारी रोष पैदा हो गया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
नीरज ने आगे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की कई बड़ी और प्रमुख मांगें हैं। इन मांगों में मुख्य रूप से परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा लिपिकों की तर्ज पर कर्मचारियों को तीन वेतन वृद्धि देना जरूरी है। जो कर्मचारी जोखिम भरी ड्यूटी करते हैं, उन सभी कर्मचारियों को उचित जोखिम भत्ता दिया जाना चाहिए। चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने की मांग भी इसमें शामिल है। इसके साथ ही स्टैंड इंचार्ज का नया पद सृजित करके पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
वर्ष 2016 में भर्ती किए गए सभी चालकों को तुरंत पक्का किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती किए गए कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगाए गए परिचालकों सहित अन्य सभी कर्मचारियों को विभाग में नियमित करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त किया जाए। कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश का पूरा लाभ मिलना चाहिए। कार्यालय सहायकों के पदों की संख्या को बढ़ाकर लिपिकों की पदोन्नति करने की मांग भी पूरी सूची में शामिल है।