हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 5 व 6 सितंबर को होगा चक्का जाम

कर्मचारियों की मांगों व वादाखिलाफी के विरोध में 5 व 6 सितंबर को होगा चक्का जाम
रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
सिरसा /सतीश बंसल 26 अगस्त 2026 //अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा द्वारा पूर्व में घोषित प्रोग्राम के तहत बुधवार को सिरसा डिपो में प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन प्रधान रिछपाल, महासचिव चमन स्वामी, प्रधान पृथ्वी चाहर, प्रधान सुरेंद्र निरानिया, प्रधान अमरजीत, प्रधान अनिल भाटिया, प्रधान राकेश योगी, प्रधान भारत भूषण, प्रधान सतवीर और विकास प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र बैरागी सचिव और सभी डिपो सचिवों द्वारा किया गया।
कर्मचारियों और परिवहन मंत्री के बीच वादे पर विवाद
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मोर्चे के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि परिवहन मंत्री कर्मचारियों से किए गए वायदे पर अमल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास के घेराव के दौरान मंत्री ने खुद कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया था। साथ ही मंत्री ने 15 दिन के भीतर कर्मचारियों की मांगों पर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी बैठक बुलाने संबंधी कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
26 अगस्त को सभी डिपो में हुआ दो घंटे का विरोध प्रदर्शन
नेताओं ने कहा कि परिवहन मंत्री की वादा खिलाफी के विरोध में आज 26 अगस्त को हरियाणा रोडवेज के सभी डिपो में दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया गया है। आगे उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं करती है तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों की मुख्य और प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना तथा लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देना शामिल है। इसके अलावा जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना और चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना तथा स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित कर पदोन्नति देना भी इन मांगों में शामिल है। अन्य मांगों में 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करना, 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देना और एलआईएफटीएम के माध्यम से लगे परिचालकों सहित सभी कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है।
ठेका प्रथा और अन्य प्रशासनिक मांगें
नेताओं ने मांग की कि घाटे का सौदा साबित हो रही इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त किया जाए। कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए और कार्यालय सहायकों के पदों में बढ़ोतरी की जाए।
5 और 6 सितंबर को राज्य व्यापी हड़ताल की चेतावनी
नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि रोडवेज का कर्मचारी हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन करके आम जनता को बिल्कुल भी परेशान करना नहीं चाहता है। लेकिन परिवहन मंत्री कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की ओर वार्ता बैठक का कोई भी कदम नहीं बढ़ा रहे हैं। इसी उदासीनता के कारण कर्मचारियों में बहुत अधिक रोष बना हुआ है। प्रदेश भर के सभी डिपो में परिवहन मंत्री की वादा खिलाफी के खिलाफ और अपनी मांगें मनवाने के लिए रोडवेज कर्मचारी 5 व 6 सितंबर को मजबूरी में राज्य व्यापी हड़ताल करेंगे।