हरियाणा में रमी और पोकर हुए कौशल आधारित खेल, सरकार ने बदला कानून

हरियाणा सरकार ने ताश के खेल में रमी और पोकर को पारंपरिक जुए की श्रेणी से बाहर कर दिया है। अब इन दोनों खेलों को कौशल आधारित खेल माना जाएगा। सरकार ने सार्वजनिक द्यूत रोकथाम अधिनियम में एक जरूरी संशोधन किया है।
कानून में संशोधन की अधिसूचना जारी
हरियाणा के गृह सचिव सुधीर राजपाल की ओर से शुक्रवार को इस संशोधन की अधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद, अब केवल मनोरंजन के लिए रमी व पोकर खेलने पर इसे जुआ मानकर रोक नहीं लगाई जा सकेगी।
क्यों माना गया है कौशल आधारित खेल?
सरकार ने रमी और पोकर को ऐसे खेल के रूप में मान लिया है, जिनमें परिणाम केवल किस्मत से तय नहीं होता है। इन खेलों में खिलाड़ी की बुद्धिमत्ता, अनुभव, एकाग्रता और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी मुख्य आधार पर इन्हें कौशल आधारित खेल की श्रेणी में रखा गया है।
हाई कोर्ट के निर्देश और सरकार का कदम
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में एक केस का फैसला देते हुए रमी और पोकर को जुए की पारंपरिक श्रेणी में नहीं रखने के निर्देश दिए थे। अब राज्य सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए इस पूरी स्थिति को एकदम स्पष्ट रूप दे दिया है।
पैसे की शर्त लगाने पर रहेगी सख्त पाबंदी
सरकार ने रमी और पोकर को पूरी तरह से कोई खुली छूट नहीं दी है। इस अधिसूचना में इनके केवल मनोरंजन के लिए खेले जाने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। यदि कोई भी व्यक्ति इन खेलों में रुपये-पैसे की शर्त लगाता है या जुए के तौर पर खेलता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रविधान बना रहेगा।