हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगें मानी, जनवरी 2026 से बढ़ा मानदेय और भत्ते

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों की सभी मांगों को पूरा कर दिया है। सरकार ने गुरुवार की शाम आधिकारिक विभागीय अधिसूचना जारी कर दी है। विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से नए आदेश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार ने सफाई कर्मियों के एरियर, भत्तों और बकाया मानदेय के भुगतान को हरी झंडी दे दी है। विभाग के निदेशक सुशील सरवान ने सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से इन आदेशों को लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला 29 मई 2026 को कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक की सहमति के आधार पर लिया गया है। वित्त विभाग ने भी इस फैसले को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। प्रदेश में एक तरफ जहां सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, वहीं इस फैसले से बड़ी राहत मिली है।
जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ मानदेय और एरियर
पत्र के अनुसार जनवरी 2026 से मानदेय में 2100 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का एरियर जारी किया जाएगा। कर्मचारियों को 16,000 से 18,100 रुपये के बीच की अंतर राशि का 30 जून 2026 तक का बकाया भुगतान एकमुश्त मिलेगा। अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के दौरान काटे गए मानदेय का भुगतान भी अब किया जाएगा। आधिकारिक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद 4 ब्लॉक के कुल 139 सफाई कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इनमें कैथल जिला के ढांड ब्लॉक के 48 सफाई कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा गुरुग्राम जिला के फर्रुखनगर ब्लॉक के 54 सफाई कर्मी, सीहमा ब्लॉक के 25 सफाई कर्मी और निज़ामपुर ब्लॉक के 15 सफाई कर्मी इसमें शामिल हैं।
दैनिक भत्ता और यूनिफॉर्म भत्ते में बढ़ोतरी
अगर किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी को उसके मूल गांव से बाहर किसी अन्य जगह ड्यूटी पर भेजा जाता है, तो बीडीपीओ कार्यालय उसे 200 रुपये प्रतिदिन का दैनिक भत्ता अपने फुटकर फंड से देगा। अब कर्मचारियों को हर साल 4,000 रुपये के स्थान पर 6,000 रुपये वार्षिक यूनिफॉर्म भत्ता मिलेगा। कपड़ों की धुलाई के लिए मिलने वाला सालाना भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। इन फैसलों से ग्रामीण सफाई कर्मियों के आर्थिक हितों को सुरक्षित किया गया है।
अनुकंपा नौकरी और वित्तीय सुरक्षा के कड़े नियम
यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की ऑन-ड्यूटी मृत्यु होती है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। मृतक के परिजनों को निजी एजेंसियों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए बीडीपीओ ऑफिस खुद ईपीएफ और ईएसआई क्लेम पेपर्स पास कराने में मदद करेगा। कर्मचारियों के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय खातों में भेजना अनिवार्य होगा। देरी होने पर संबंधित विभाग पर 500 रुपये प्रति मामला जुर्माना लगाया जाएगा। विकास एवं पंचायत विभाग के इस फैसले की प्रति 'ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन' और 'सफाई कर्मचारी आयोग' को भी भेज दी गई है।