हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मियों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया, अधिसूचना जारी करने की मांग

हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच बनी सहमति की बात को कर्मचारियों ने खारिज कर दिया है। चंडीगढ़ से मिली खबर के अनुसार, प्रदेश भर में पुलिस के पहरे में कचरा उठवाने का काम किया गया है। शनिवार को देर रात चली लंबी बैठक के बाद सरकार ने मांगें पूरी करने पर सैद्धांतिक सहमति का दावा किया था। इसके बावजूद रविवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने सरकार के सभी प्रस्तावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि उन्हें केवल सैद्धांतिक सहमति नहीं बल्कि मांगों पर तुरंत आधिकारिक अधिसूचना जारी चाहिए। इस बीच रविवार को प्रदेश के कई जिलों में पुलिस की भारी मदद से कचरा उठवाया गया और विरोध प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। सफाई कर्मचारी इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोमवार को अपनी आगामी रणनीति का बड़ा ऐलान करने वाले हैं।
कर्मचारियों और सरकार के बीच पुराने समझौतों का विवाद
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के नेताओं ने सरकार के दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा, अग्निशमन विभाग के प्रधान राजेन्द्र सिन्द और महासचिव गुलशन भारद्वाज ने एक बयान में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत कुल 22 मांगों में से 17 मांगों को सरकार ने पहले ही स्वीकार कर लिया था। इन सभी स्वीकृत मांगों के क्रियान्वयन के लिए केवल सरकारी पत्र और आवश्यक आदेश जारी किए जाने बाकी थे। नेताओं ने आरोप लगाया कि आज तक उन जरूरी आदेशों को जारी नहीं किया गया है। अब उन्हीं पुरानी मांगों पर दोबारा सैद्धांतिक सहमति जताना कर्मचारियों के साथ एक बड़ा छलावा है।
पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज पर कड़ी चेतावनी
बीती रात पुलिस प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों पर की गई दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई है। संघ के नेताओं ने बताया कि रात के समय पुलिस ने महिला एवं पुरुष कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया है। उन्होंने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस दमन तुरंत बंद नहीं हुआ, तो प्रदेशभर के शहरों के आम लोग भी कर्मचारियों के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारियों की मांगों पर सहमत है, तो वह सिर्फ सैद्धांतिक सहमति का दिखावा न करे। सरकार को तुरंत प्रभाव से लिखित सरकारी आदेश जारी करने होंगे क्योंकि कर्मचारी किसी भी तरह के झूठे आश्वासन के बजाय अपने अधिकारों का सरकारी आदेश चाहते हैं।
नियमितीकरण और गिरफ्तारियों का पूरा मामला
नरेश शास्त्री ने वर्दी भत्ता, समान काम समान वेतन और अन्य भत्तों पर तुरंत अधिसूचना जारी करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि एलटीसी, न्यूनतम वेतन, ईएसआई, ईपीएफ, जोखिम भत्ता, अनुकंपा सहायता और दुर्घटना बीमा दिए जाने के मुद्दों पर भी आदेश जारी होने चाहिए। सरकार ने यह दावा किया है कि पालिका रोल पर कार्यरत सफाई एवं फायर कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा अभी लंबित है। सरकार का कहना है कि इस मामले का अभी कानूनी परीक्षण किया जा रहा है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब मुख्य मांग यही है और सरकार इस पर कानूनी परीक्षण कर रही है, तो फिर बाकी मांगों को मान लिया गया बताकर हड़ताल को गलत क्यों ठहराया जा रहा है। हड़ताल के दौरान रात के समय पुलिस कार्रवाई करके कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। संघ से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भिवानी में 36, हिसार में 200, यमुनानगर में 50, सिरसा में 27, चरखी दादरी में 11, बहादुरगढ़ में 17, झज्जर में 2 और डबवाली में 35 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए इन सभी लोगों में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने अंत में सरकार से पुरजोर मांग की है कि गिरफ्तार किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल रिहा किया जाए। कर्मचारियों पर की जा रही किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और केवल बातचीत के माध्यम से ही इस आंदोलन का समाधान निकाला जाए।