हरियाणा में चेतावनी के बावजूद 84 शहरों में 500 सफाई कर्मचारियों ने कराया सामूहिक मुंडन

हरियाणा में चेतावनी के बावजूद 84 शहरों में 500 सफाई कर्मचारियों ने कराया सामूहिक मुंडन

हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश हड़ताली सफाई कर्मचारियों को काम पर लौटने की अंतिम चेतावनी दिए जाने के बावजूद शुक्रवार को कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का ऐलान कर दिया। विरोध स्वरूप प्रदेश के 84 शहरों में प्रदर्शन करते हुए 500 से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाया। यह प्रदर्शन राज्य भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अड़े हुए हैं।

कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह ने कहा कि हड़ताल तोड़ने के उद्देश्य से सरकार एक के बाद एक धमकी भरे पत्र जारी कर रही है। टर्मिनेशन, निलंबन, मुकदमे और गिरफ्तारी जैसे हथकंडे अपनाकर सरकार ने सिद्ध कर दिया है कि उसके पास कर्मचारियों की जायज मांगों का कोई जवाब नहीं है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी धमकी अथवा उत्पीड़न के सामने झुकने वाले नहीं हैं।

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मंत्रियों के आवासों पर झाड़ू प्रदर्शन का ऐलान

दोनों नेताओं ने ऐलान किया कि आंदोलन के अगले चरण में 5 और 6 सितंबर को हरियाणा सरकार के सभी मंत्रियों के आवासों एवं कैंप कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों के माध्यम से मंत्रियों से पूछा जाएगा कि वर्ष 2014 में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का किया गया वादा 12 वर्ष बाद भी पूरा क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही दाे दिन मंत्रियों के आवास व कैंप कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन का ऐलान भी किया गया है।

ठेका प्रथा और शोषण का मुद्दा

उन्होंने कहा कि सफाई एवं सीवर कर्मचारी वर्षों से ठेकेदारों का शोषण झेल रहे हैं। बेहद कम वेतन और रोजगार की असुरक्षा के कारण उनके परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। सरकार ने विभिन्न विभागों और पदों पर नियमित भर्तियां की हैं, लेकिन सफाई कर्मचारियों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर पक्की भर्ती करने और ठेका प्रथा समाप्त करने के बजाय सरकार आंदोलन को दबाने में लगी हुई है।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

नरेश कुमार शास्त्री और राजेंद्र सिंह ने दोहराया कि जब तक सरकार 13 मई को स्वीकार की गई सभी 17 मांगों के लिखित आदेश जारी कर लागू नहीं करती तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी अपनी एकता का परिचय देते हुए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और सरकार के किसी भी दबाव में आने से साफ इनकार कर दिया है।

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