हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मचारियों को सरकार की चेतावनी, शनिवार तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम

हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मचारियों को सरकार की चेतावनी, शनिवार तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम

हरियाणा प्रदेश में छह अगस्त से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। इस हड़ताल के कारण जहां-तहां कचरे के ढेर लग गए हैं। चंडीगढ़ से आई खबर के अनुसार, हरियाणा सरकार ने हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मान ली हैं। इसके बाद अब सरकार ने सख्ती बरतने की पूरी तैयारी कर ली है। सभी कर्मचारियों को शनिवार तक काम पर हर हाल में काम पर लौटने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक निर्देश और एस्मा का दायरा

शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने गुरुवार को सभी नगर निगमों के आयुक्तों और जिला नगर आयुक्तों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में हड़ताली कर्मचारियों का पांच सितंबर तक ड्यूटी पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। जारी आदेशों में हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1973 की धारा 47 के प्रावधानों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि सफाई का कार्य हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम 1974 यानी एस्मा के दायरे में आता है।

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कर्मचारियों द्वारा काम में बाधा और उच्च न्यायालय के निर्देश

इन सभी नियमों के बावजूद सफाई कर्मचारी और सीवरमैन बिना किसी अनुमति के और बिना किसी पूर्व सूचना के छह अगस्त से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों की तरफ से न केवल अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोका जा रहा है। बल्कि नगर निकायों के सफाई साधनों, उपकरणों और मशीनरी को भी भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय भी गत 18 अगस्त को शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दे चुका है।

कर्मचारी संघ का रुख और आगामी आंदोलन की घोषणा

दूसरी तरफ, नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल को तोड़ने के लिए आंदोलनकारी कर्मचारियों को लगातार कानूनी कार्रवाई के नोटिस भेजे जा रहे हैं। सरकार ने गत 31 अगस्त को अग्निशमन विभाग के 10 अनुबंधित कर्मचारी नेताओं को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही 14 नियमित कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया गया है। विभिन्न नगर निकायों के 500 से अधिक सफाई एवं अग्निशमन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

सामूहिक मुंडन और जन न्याय पंचायतों का कार्यक्रम

नरेश कुमार शास्त्री ने घोषणा की कि शुक्रवार को सभी नगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर निगमों और अग्निशमन केंद्रों के कर्मचारी सामूहिक मुंडन करवाएंगे। वे सरकार की इन उत्पीड़न आत्मकारक कार्रवाइयों का कड़ा विरोध करेंगे। पांच और छह सितंबर को सभी मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 10 से 12 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में जन न्याय पंचायतें आयोजित की जाएंगी। इस आंदोलन के तहत आगामी 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में एक राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत का आयोजन किया जाएगा।

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