हरियाणा के स्कूलों में चलेगा पोक्सो प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षकों और प्राचार्यों को दी जाएगी जानकारी

हरियाणा के स्कूलों में चलेगा पोक्सो प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षकों और प्राचार्यों को दी जाएगी जानकारी

चंडीगढ़ से सामने आई खबर के अनुसार, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराधों की जानकारी देने का फैसला किया है। आयोग ने इसके लिए जिलास्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शिक्षकों, स्कूल प्राचार्यों, बीईओ, डीईओ तथा स्कूलों में गठित पोक्सो समितियों के सदस्यों को शामिल किया जाएगा।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य और जरूरत

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इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को पोक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देना है। इसके अलावा शिकायत प्राप्त होने पर की जाने वाली तत्काल कार्रवाई तथा मामले की रिपोर्टिंग प्रक्रिया के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

आयोग के संज्ञान में आए मामलों की जांच के दौरान एक बात सामने आई है। जांच में यह पाया गया कि पोक्सो अधिनियम से संबंधित कई मामलों में विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों में इसकी समझ की कमी है। प्राचार्यों और शिक्षकों में पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं उनकी अनुपालना के संबंध में पर्याप्त समझ का अभाव देखा गया है।

बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित माहौल

बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। प्राचार्यों एवं शिक्षकों को पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में नियमित रूप से जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है।

यह पहल स्कूलों को पोक्सो से जुड़े अपराधों के प्रति अधिक सजग बनाएगी। यह कार्यक्रम स्कूलों को अधिक संवेदनशील बनाने के साथ-साथ बच्चों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षकों और प्रशासन के लिए जानकारी

शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को पोक्सो के प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी होना बेहद जरूरी है। इससे स्कूल में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित लोग यह समझ सकेंगे कि तत्काल क्या कदम उठाए जाने हैं।

मामले की सूचना समय पर दी जानी चाहिए। यह भी पता होना चाहिए कि मामले की सूचना किन सक्षम अधिकारियों अथवा संबंधित एजेंसियों को दी जानी है।

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