हरियाणा में हर छह दिन में पकड़ा गया लिंग जांच का एक रैकेट, राज्यसभा में पेश हुई रिपोर्ट

राज्य सभा में वर्ष 2025 की एक रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में प्रत्येक छह दिन में लिंग जांच का एक रैकेट पकड़ा गया है। वर्ष 2025 में देश भर में दर्ज लिंग जांच के कुल 83 मामलों में से 64 मामले अकेले हरियाणा राज्य में दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 से 2025 के बीच हरियाणा में भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के कुल 106 मामले दर्ज किए गए हैं।
देशभर में सबसे ज्यादा मामले
यह आंकड़ा देश भर में दर्ज किए गए कुल 184 मामलों का 57.6 प्रतिशत बनता है। यह संख्या किसी भी भारतीय राज्य में सबसे ज़्यादा दर्ज की गई है। इस दौरान गुजरात राज्य 28 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और राजस्थान राज्य 11 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया। राज्यसभा में सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया था। सांसद के इस सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने सदन को बताया कि इस साल अब तक हरियाणा में लिंग जांच टेस्ट के खिलाफ कई स्थानों पर छापे मारे गए हैं।
विभिन्न जिलों में छापेमारी और गिरफ्तारियां
16 जुलाई को राजस्थान पुलिस की एक विशेष टीम ने सिरसा के डबवाली इलाके में एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने वहां एक प्राइवेट अस्पताल में भी छापा मारा जहां अवैध रूप से लिंग जांच टेस्ट किया जा रहा था। यह पुलिस टीम पिछले छह महीने से लगातार इस रैकेट पर कड़ी नज़र रख रही थी। आरोप लगाया गया है कि राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर जिलों की गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए डबवाली लाया जाता था। 5 जुलाई को करनाल के इंद्री में एक डॉक्टर को लिंग जांच टेस्ट करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके अलावा 27 मई को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक घर पर अचानक छापा मारा। उस छापे के दौरान लिंग जांच टेस्ट में शामिल कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। रोहतक जिले की गर्भवती महिलाएं अक्सर वहां जाया करती थीं और मौके से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद की गई थी।
प्रशासनिक कदम और एफआईआर
जून के महीने में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष अधिकारी को एक पत्र लिखा था। उस पत्र में हरियाणा से सटे जिलों में जाने वाली स्वास्थ्य टीमों के लिए तुरंत प्रशासनिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। हरियाणा सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच राज्य ने कुल 84 छापे मारे। इन छापों में से कुल 37 छापे उत्तर प्रदेश राज्य में मारे गए थे। इसके अलावा वर्ष 2015 से लेकर अब तक 1,400 से ज़्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
कन्या भ्रूण हत्या के मामले
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार 2022 से 2024 के बीच हरियाणा राज्य में महिला भ्रूण हत्या के कुल 19 मामले सामने आए हैं। यह आंकड़ा देश में चौथा सबसे खराब आंकड़ा माना गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे ज़्यादा 41 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 31 मामले और महाराष्ट्र में 28 मामले दर्ज किए गए। इसी समान अवधि के दौरान पड़ोसी राज्य पंजाब में 12 मामले सामने आए जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य में एक भी मामला देखने को नहीं मिला।