हरियाणा में 34.93 लाख लाभार्थियों को मिली सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसानों और महिलाओं के खातों में भी आई राशि

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 34,93,978 लाभार्थियों के खातों में 1,124 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की है। इस राशि में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ अपनाया है, जिसके तहत परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वत: निर्धारित होती है। पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए और बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि सरकारी सहायता समयबद्ध तरीके से सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।
दयालु योजना और हर घर-हर गृहिणी योजना
मुख्यमंत्री ने ‘दयालु’ योजना के तहत 6,224 परिवारों को 234 करोड़ 77 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 83,536 परिवारों को 3,152 करोड़ 48 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। प्रदेश में 11 सितंबर से ‘दयालु योजना-2’ लागू की गई है। इसके अलावा, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 4,93,434 बहनों के बैंक खातों में जून माह की 19.17 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी हस्तांतरित की गई है। चुनाव के समय किया गया वादा निभाते हुए पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, और अब तक 15,06,364 पात्र बहनों के बैंक खातों में कुल 340 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि डाली जा चुकी है।
किसानों के लिए हरित खाद प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने किसानों को पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए 13,237 किसानों के खातों में 7 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की है। यह राशि खरीफ 2026-27 में 70 हजार एकड़ क्षेत्र में ढैंचा एवं मूंग को हरित खाद के रूप में अपनाने के लिए जारी की गई है। इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। पात्र किसानों को हरित खाद की खेती अपनाने के लिए 1,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। खरीफ 2026 के दौरान 5,844 किसानों द्वारा 36 हजार 670 एकड़ क्षेत्र में ढैंचा की खेती का सत्यापन हुआ है और 7,393 किसानों द्वारा 33 हजार 330 एकड़ क्षेत्र में मूंग एवं अन्य हरित खाद फसलों की खेती का सत्यापन किया गया है।