शिक्षकों के प्रमोशन में लापरवाही पड़ेगी भारी, हरियाणा में डीईईओ की तय हुई जवाबदेही

हरियाणा में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने अब जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) की जवाबदेही तय कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के टीजीटी म्यूजिक, टीजीटी आर्ट और टीजीटी फिजिकल एजुकेशन के पदों पर पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों की सूचना मांगी है। साथ ही आवश्यक अंडरटेकिंग तीन दिन में भेजने के निर्देश दिए हैं।
लंबित मामलों और अंडरटेकिंग की मांगी जानकारी
विभाग ने यह पूरी प्रक्रिया बहुत सख्त कर दी है। विभाग ने साफ किया है कि आगे इस प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की लिटिगेशन यानी मुकदमेबाजी, प्रतिकूल आदेश या अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति बनती है तो इसके लिए संबंधित DEEO को ही जिम्मेदार माना जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक की ओर से जारी किए गए इस पत्र को ‘मोस्ट अर्जेंट’ यानी बेहद जरूरी के रूप में सभी जिलों में भेजा गया है। इस पत्र के माध्यम से जिलों से जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के टीजीटी म्यूजिक, आर्ट और फिजिकल एजुकेशन के पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र मामलों की पूरी जानकारी मांगी गई है।
पदोन्नति से इनकार करने वाले शिक्षकों के लिए निर्देश
जो शिक्षक पदोन्नति स्वीकार नहीं करना चाहते हैं, विभाग ने उनके मामलों के लिए भी प्रक्रिया तय कर दी है। ऐसे सभी शिक्षकों से पदोन्नति से इनकार करने की सहमति और शपथपत्र लेना होगा। इसके बाद इन मामलों को फोर्गो केस के रूप में विभाग को भेजना होगा। विभाग ने सभी DEEO से यह अंडरटेकिंग भी मांगी है कि उनके जिले में टीजीटी अंग्रेजी के पद पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति अथवा फोर्गो के लिए पात्र कोई भी शिक्षक छूटा नहीं है।
पात्र शिक्षकों के सभी दावे शामिल करने का प्रमाण
इसके अलावा संबंधित जिलों को यह प्रमाणित करना होगा कि पात्र शिक्षकों के सभी दावे पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी तरह शामिल कर लिए गए हैं। किसी भी पात्र शिक्षक का दावा इस प्रक्रिया में छूटना नहीं चाहिए।