गुरुग्राम में हरियाणा-यूके ट्रेड ब्रिज पहल से खुलेंगे व्यापार और निवेश के नए अवसर: राव नरबीर सिंह

गुरुग्राम में हरियाणा-यूके ट्रेड ब्रिज पहल से खुलेंगे व्यापार और निवेश के नए अवसर: राव नरबीर सिंह

गुरुग्राम में हरियाणा-यूके सीईटीए ट्रेड ब्रिज-अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉच्र्युनिटीज फॉर हरियाणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुरुग्राम में हुआ है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हरियाणा और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में हरियाणा-यूके ट्रेड ब्रिज एक महत्वपूर्ण पहल है।

भारत-यूके समझौते से मिलेंगे नए अवसर

मंत्री राव नरबीर सिंह ने जानकारी दी है कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से कई नए अवसर मिलेंगे। इससे हरियाणा के कारोबारियों, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। इस समझौते से व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।

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गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

यह कार्यक्रम सोमवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का नाम हरियाणा-यूके सीईटीए ट्रेड ब्रिज-अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉच्र्युनिटीज फॉर हरियाणा था। इस कार्यक्रम के दौरान ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त (चंडीगढ़) अल्बा स्मेरिग्लियो समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

सरकार का मुख्य उद्देश्य और युवाओं की क्षमता

राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं है। सरकार का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना, प्रौद्योगिकी साझेदारी विकसित करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और हरियाणा के कारोबारियों को वैश्विक बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा आज केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं है। युवा उद्यमी, नवाचारी और रोजगार सृजक बनने की क्षमता रखता है।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार

हरियाणा सरकार चाहती है कि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और स्टार्टअप अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाएं। इसके साथ ही यूके की कंपनियां हरियाणा में निवेश करें। यूके की कंपनियां यहां की प्रतिभा के साथ मिलकर नए समाधान विकसित करें।

यूके के निवेशकों का आह्वान और मजबूत सेतु

मंत्री ने यूके के उद्योग जगत और निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा है कि कम टू हरियाणा, इन्वेस्ट इन हरियाणा, पार्टनर विद हरियाणा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का साझा प्रयास एक ऐसा मजबूत सेतु तैयार करेगा। यह सेतु केवल हरियाणा और यूके को ही नहीं जोड़ेगा। यह विचारों, निवेश, नवाचार और अवसरों को भी आपस में जोड़ेगा।

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