हरियाणा में शहरी विकास के लाइसेंस नियम हुए आसान, कैबिनेट ने दी मंजूरी

हरियाणा में शहरी विकास के लाइसेंस नियम हुए आसान, कैबिनेट ने दी मंजूरी

हरियाणा में शहरी क्षेत्रों के विकास से जुड़े लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को एक कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज रूल्स, 1976 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस से जुड़े आवेदन, उनकी जांच, फैसले की सूचना और लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट बनाना है। यह पूरा बदलाव विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति की 2016-17 की 45वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर किया गया है। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल 21 सिफारिशें दी थीं। इनमें से 9 सिफारिशों को नियमों में शामिल करने योग्य पूरी तरह से पाया गया है। वहीं बाकी बची हुई 12 सिफारिशें पहले से ही संबंधित कानून, मौजूदा नियमों या फिर सरकारी नीतियों में कवर थीं।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

आवेदन और जांच प्रक्रिया होगी व्यवस्थित

संशोधित नियमों के तहत शहरी विकास से जुड़े लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया और उसकी जांच से संबंधित प्रावधानों को पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा। इस बदलाव से सभी आवेदकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के लिए यह बहुत ज्यादा स्पष्ट हो जाएगा कि आवेदन किस तरह से लिया जाना है और उसकी जांच किस प्रकार की जानी है। इसी तरह से आवेदन पर लिए गए निर्णय की आवेदक को सूचना देने की प्रक्रिया को भी नए नियमों में बहुत बेहतर तरीके से स्पष्ट किया जाएगा।

लाइसेंस रिन्यूअल के प्रावधान भी हुए शामिल

इन नए संशोधनों में लाइसेंस के रिन्यूअल यानी नवीनीकरण से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इस नवीनीकरण की प्रक्रिया को और अधिक ज्यादा सुव्यवस्थित करना है। इससे सभी लाइसेंस धारकों को प्रक्रिया और जरूरी आवश्यकताओं को लेकर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता या भ्रम नहीं रहेगा। इस संशोधन का मुख्य जोर नए लाइसेंस जारी करने के साथ-साथ मौजूदा लाइसेंस को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को भी बहुत आसान और स्पष्ट बनाने पर है।

विधान समिति की सिफारिशों का हुआ मिलान

विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति ने कुल 21 बिंदुओं पर अपनी महत्वपूर्ण सिफारिशें पेश की थीं। सरकार की तरफ से की गई जांच में यह पाया गया कि 12 सिफारिशों को अलग से नियमों में शामिल करने की कोई भी जरूरत नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे सभी सिफारिशें पहले से ही हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975, मौजूदा नियमों या फिर सरकार की नीतियों के दायरे में पूरी तरह आती हैं। बाकी बची हुई 9 सिफारिशों को अब नियमों में शामिल करने की औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद साल 1976 के पुराने नियमों को समिति की इन सभी सिफारिशों के अनुरूप पूरी तरह से अपडेट कर दिया जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment