हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र की तैयारियां शुरू, स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने की समीक्षा बैठक

हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने समीक्षा बैठक की है। चंडीगढ़ में 20 अगस्त को हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मानसून सत्र की तारीख और समीक्षा बैठक
चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र के शुरू होने के बाद तीन दिन का अवकाश रहेगा। इस संबंध में गुरुवार को हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने सत्र के आयोजन पर पूरी रिपोर्ट ली।
सचिवालय की शाखाओं को निर्देश और बेहतर व्यवस्था
विधानसभा अध्यक्ष ने सचिवालय की सभी शाखाओं को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी शाखाएं अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध ढंग से निर्वहन करें। यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए कि सत्र शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह मुकम्ल हो जाएं। अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि छोटे-छोटे सुधारों से बड़े बदलाव आते हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्य की स्पष्टता रहनी चाहिए। हमारा यह मुख्य प्रयास रहना चाहिए कि हर सत्र पिछले सत्र से बेहतर साबित हो। व्यवस्था के नाते हमसे जो भी अपेक्षाएं रहती हैं, हम उन सभी पर पूरी तरह खरे उतरें।
सदस्यों, मीडिया और आगंतुकों की सुविधाओं का ध्यान
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सत्र के संचालन के दौरान सदस्यों, मीडिया तथा आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा कर ली जाए। उन्होंने विशेष रूप से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया है कि वे संभावित आवश्यकताओं को पहले से ही चिह्नित कर उनका समाधान सुनिश्चित करें। विधान सभा के सभी कर्मचारी सदस्यों और आगंतुकों के साथ पूरी तरह गरिमापूर्ण व्यवहार रखें।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं और निर्बाध कार्यवाही
विधान सभा अध्यक्ष ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सत्र की तैयारियों में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। ऐसा करने से सदन की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी तरह निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी।