हरियाणा में लगेंगे चार वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, 50 MW बिजली का होगा उत्पादन, MoU साइन

हरियाणा राज्य सरकार ने 29 अगस्त 2026 को नूंह में चार इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन सुविधाओं के अक्टूबर 2028 तक चालू होने का अनुमान है, जो वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करके प्रतिदिन 5,000 टन कचरे को संसाधित करेंगी और कुल 50 MW बिजली का उत्पादन करेंगी। ये प्रोजेक्ट्स सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के अनुसार ऑयल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ऑयल ग्रीन Energy लिमिटेड द्वारा निष्पादित किए जाएंगे।
किस क्लस्टर में कितनी क्षमता और बिजली उत्पादन
यह इंफ्रास्ट्रक्चर चार क्लस्टर में वितरित किया जाएगा। हिसार में 5 MW के लिए प्रति दिन 500 टन (TPD) कचरा संसाधित किया जाएगा। अंबाला में 9 MW के लिए 900 TPD कचरा संसाधित होगा। फरीदाबाद में 16 MW के लिए 1,600 TPD कचरा संसाधित किया जाएगा। वहीं गुरुग्राम में 20 MW के लिए 2,000 TPD कचरा संसाधित किया जाएगा।
वित्तीय ढांचा और लागत वितरण
वित्तीय ढांचे के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि पूंजीगत लागत का 25% केंद्र सरकार द्वारा अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से कवर किया जाएगा। 25% लागत राज्य सरकार और अर्बन लोकल बॉडीज द्वारा दी जाएगी। वहीं 50% लागत ऑयल ग्रीन Energy लिमिटेड द्वारा वहन की जाएगी।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और विजन
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने बयान दिया है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेस्ट टू वेल्थ विजन के साथ मेल खाती है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने विशेष रूप से गुरुग्राम के बंधवाड़ी लैंडफिल में कचरे को हटाने के संबंध में तेजी से कार्यान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। हस्ताक्षर समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें मंत्री कृष्ण लाल पंवार, महिपाल ढांडा, विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा और ऑयल ग्रीन Energy लिमिटेड के सीएमडी डॉ. रंजीत रथ शामिल थे।