हरियाणा के चार नगर निगमों में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ हुआ समझौता

राव ने मुख्यमंत्री को कहा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को धरातल पर उतारा जाए
नूंह में आयल ग्रीन एनर्जी के तहत चार नगर निगमों का हुआ समझौता
राव ने अधिकारियों से भी कहा जल्द से जल्द इस योजना पर कार्य करें
चारों नगर निगम कमिश्नर ने कंपनी के साथ सीएम के सामने समझौते पर हस्ताक्षर किए
ऑयल इंडिया लिमिटेड भारत सरकार की उपक्रम कंपनी के साथ हुआ समझौता
फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम, 29 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गुरुग्राम सहित चार नगर निगमों के कचरे से एनर्जी व अन्य उत्पाद बनाने के लिए भारत सरकार की उपक्रम कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम के दौरान ऑयल इंडिया लिमिटेड के एमडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। चारों नगर निगम के कमिश्नर ने कंपनी के साथ हुए समझौते पर हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आदान प्रदान किए।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को धरातल पर उतारने का आग्रह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाने के लिए पूर्व में भी कंपनी के साथ समझौता किया गया था। लेकिन यह योजना धरातल पर सिरे नहीं चढ़ पाई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि गुरुग्राम व अन्य शहरों के कचरे के निष्पादन के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। राव ने ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों से भी कहा कि वह जल्द से जल्द इस योजना पर कार्य करें ताकि गुरुग्राम के बंधवाडी स्थित सॉलिड वेस्ट के पहाड़ को खत्म किया जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश और एमओयू पर हस्ताक्षर
प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑयल इंडिया लिमिटेड कंपनी व निगम अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का कार्य गंभीरता से जल्द से जल्द शुरू करें ताकि लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सके। नूंह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की उपस्थिति में शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा एवं ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के बीच अंबाला, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम में 4 वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स स्थापित करने हेतु MoU पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ हरियाणा में हरित ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देगी।