जींद: हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने किया नागरिक अस्पताल व महिला थाना का निरीक्षण

जींद, 21 अगस्त। हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा है कि हरियाणा राज्य महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। आयोग घरेलू हिंसा, महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण में जुटा है। आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध करवाना है। इस वातावरण में महिलाएं बिना किसी भय या संकोच के अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। महिलाओं को समयबद्ध तरीके से न्याय एवं सहायता मिल सके, इसके लिए आयोग काम कर रहा है। वे शुक्रवार को नागरिक अस्पताल व महिला थाना का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
इस दौरान उन्होंने डीसी डा. वैशाली शर्मा व पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि महिला संबंधी शिकायतों को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देखना चाहिए। इन शिकायतों को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुना जाना चाहिए।
सामान्य अस्पताल का दौरा और स्वास्थ्य सुविधाएं
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सामान्य अस्पताल जींद का दौरा किया। उन्होंने वहां महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने महिला एवं प्रसूति सेवाओं, जांच, उपचार, परामर्श तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल में आने वाली महिलाओं के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने महिला वार्ड में जाकर महिला विशेषज्ञ डाक्टर से महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तार से जानकारी ली।
वन स्टॉप सेंटर और महिला थाने का निरीक्षण
उपाध्यक्ष मीना परमार ने अपने दौरे के दौरान वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में आने वाली महिलाओं की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया के बारे में भी पूछा। उपाध्यक्ष ने महिला थाना जींद का निरीक्षण भी किया। उन्होंने थाना परिसर में महिला संबंधी शिकायतों के रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने शिकायतों पर की गई कार्रवाई तथा लंबित मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं द्वारा पूर्व में दी गई शिकायतों का संज्ञान लिया। इन शिकायतों पर या तो कार्रवाई की जा चुकी है या वे किसी स्तर पर लंबित हैं। मीना परमार ने शिकायतकर्ता महिलाओं से फोन पर स्वयं बातचीत की। उन्होंने फोन पर महिलाओं की समस्याओं एवं शिकायतों के संबंध में पूरी जानकारी ली।