हिसार : कौशल विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए एचएयू और पीएनबी फार्मर्स ट्रेनिंग सेंटर के बीच हुआ समझौता

हिसार : कौशल विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए एचएयू और पीएनबी फार्मर्स ट्रेनिंग सेंटर के बीच हुआ समझौता

कौशल विकास, कृषि विविधीकरण और स्वरोजगार से जुड़ी प्रशिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हिसार में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हिसार, 31 अगस्त। किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए और उनके कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सोमवार काे हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय यानी हकृवि और पंजाब नेशनल बैंक फार्मर्स ट्रेनिंग सेंटर, सच्चा खेड़ा जो कि जींद में स्थित है, के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य किसानों की क्षमता का निर्माण करना है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों में आपसी सहयोग को भी मजबूत करना इस समझौते का अहम हिस्सा है।

विश्वविद्यालय और सेंटर के अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज के निर्देशों का पालन करते हुए, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने विश्वविद्यालय की तरफ से इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। वहीं दूसरी ओर, पीएनबी फार्मर्स ट्रेनिंग सेंटर, सच्चा खेड़ा के निदेशक हितेश कालरा ने सेंटर की तरफ से इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पवन कुमार ने सोमवार के दिन यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की सही जानकारी पहुंचाने के लिए संस्थागत सहयोग को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कुलसचिव ने यह भी बताया कि ऐसे समझौते किसानों की क्षमता बढ़ाने में और कृषि क्षेत्र के विकास को एक नई गति देने में बहुत ही अहम भूमिका निभाएंगे।

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प्रशिक्षण गतिविधियों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर

इस नए समझौते के तहत किसानों के कौशल विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा कृषि और उससे जुड़े हुए अन्य क्षेत्रों में ज्ञान और तकनीकी जानकारी के आदान-प्रदान पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने इस अवसर पर कहा कि दोनों संस्थानों के बीच पहले से ही सहयोग चल रहा है। इस पुराने सहयोग से किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों और शोध कार्यों की जानकारी पहुंचाने में बहुत मदद मिली है। उन्होंने आगे बताया कि भविष्य में इस आपसी सहयोग को और भी व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए पूरी सहमति बन चुकी है।

विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार के अवसर

पीएनबी फार्मर्स ट्रेनिंग सेंटर किसानों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए काम करता है। यह सेंटर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन करता है। इस सेंटर के अंदर आधुनिक कृषि तकनीक, फसल उत्पादन, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, मृदा यानी मिट्टी एवं जल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, और कृषि यंत्रों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा पशुपालन, डेयरी, भेड़-बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी यहाँ दिया जाता है। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़े रोजगारपरक प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाते हैं। इस समझौते के बाद अब इन सभी प्रशिक्षण गतिविधियों में विश्वविद्यालय के तकनीकी और शोध संबंधी अनुभव का लाभ सीधे किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभागियों तक पहुँचाया जा सकेगा।

इस अवसर पर गणमान्य लोग रहे मौजूद

समझौते के इस कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कई प्रमुख अधिकारी और डॉक्टर उपस्थित रहे। इस अवसर पर अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता यानी डीन डॉ. रमेश गोयल, मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य मौजूद थे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में डॉ. विरेन्द्र मोर, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. अनुराग और डॉ. सूबे सिंह भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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