नरवाना में हजरस का जोरदार प्रदर्शन, संवैधानिक अधिकारों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

नरवाना में हजरस का जोरदार प्रदर्शन, संवैधानिक अधिकारों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

नरवाना में हजरस का जोरदार प्रदर्शन, संवैधानिक अधिकारों एवं कर्मचारियों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

नरेंद्र जेठी/नरवाना /11 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

आज हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के बैनर तले उपमंडल नरवाना में खंड प्रधान मनोज जेस्ट की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति समाज के सैकड़ों अध्यापकों, कर्मचारियों, अधिकारियों एवं बेरोजगार युवाओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर सरकार के समक्ष अपनी विभिन्न मांगों को मजबूती से उठाया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की शिक्षा एवं कर्मचारी नीतियों पर रोष व्यक्त करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग को उसके संवैधानिक अधिकार एवं उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

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इस अवसर पर खंड प्रधान मनोज जेस्ट ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति कर्मचारियों एवं अधिकारियों को प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की पदोन्नतियों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण पर रोक लगाने के निर्णय को वापस लेकर लंबित पदोन्नतियां तुरंत जारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में रोस्टर रजिस्टर लागू एवं नियमित रूप से संधारित किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति वर्ग के निर्धारित 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

उन्होंने सरकार से मांग की कि विभिन्न विभागों में वर्षों से लंबित अनुसूचित जाति वर्ग के बैकलॉग को चिह्नित कर विशेष भर्ती एवं पदोन्नति अभियान चलाकर भरा जाए, ताकि बेरोजगार युवाओं एवं कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके। राज्य उपप्रधान सुभाष हालू ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से लंबित है। सरकार को अन्य राज्यों की तर्ज पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के एसीपी मामलों से 50 प्रतिशत अंकों एवं फिट फोर प्रमोशन की शर्त समाप्त की जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर एसीपी का लाभ मिल सके।

उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े जेबीटी के हजारों पदों को शीघ्र भरने, सभी प्राथमिक विद्यालयों में बिना छात्र संख्या की शर्त के मुख्य शिक्षक के पद पुन: बहाल करने की मांग भी रखी। राज्य उपप्रधान ने कहा कि शिक्षा विभाग में मिडल से संबंधित सेवा, वरिष्ठता एवं वेतन विसंगतियों का समाधान किया जाए तथा मिडल हेड को हाई स्कूल मुख्याध्यापक पद पर पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जाए।

अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा विद्यालयों में चौकीदार एवं सफाई कर्मचारियों की उचित व्यवस्था करने की भी मांग की गई। राज्य सह कोषाध्यक्ष जगदीश  दबलैन ने कहा कि अनुसूचित जाति विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने तथा छात्रवृत्ति योजनाओं की आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने की मांग की।

वक्ताओं ने एचकेआरएन व्यवस्था को बंद कर सभी भर्तियां स्थायी आधार पर करने की मांग करते हुए कहा कि एचकेआरएन कर्मचारियों के वेतन से जीएसटी की कटौती भी बंद की जाए। प्रदर्शन के अंत में हजरस के बैनर तले उपस्थित सैकड़ों अध्यापकों, कर्मचारियों, अधिकारियों ने उपमंडल अधिकारी, नरवाना के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। हजरस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, शिक्षा हित एवं कर्मचारियों के सम्मान के लिए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगा।

इस मौके पर राज्य उप प्रधान सुभाष हालू, राज्य सह कोषाध्यक्ष जगदीश दबलैन, जिला ऑडिटर सुरेश भोंसले,खंड सचिव अर्जुन सिंह,कोषाध्यक्ष मनोज गिल, सह सचिव लोकेश कुमार, सलाहकार होशियार सिंह, खंड उचाना प्रधान रोशनलाल, मैडम शीला रंगा, रेखा भोसले किरण जैस्ट , सुमन हालू, परमजीत पूनम देवी, दर्शना मुवाल,बबीता रानी, मुकेश सिंहमार ,जयभगवान ग्रोवर, पवन मंडल, मनजीत रंगा, कृष्ण रंगा, बलजीत ,धानिया ,डॉ भूप सिंह,मुकेश सिंहमार, सत्यनारायण जनागल,रामेश्वर ,देवदर्शन, राजपाल भोंसले, नोमीदास, गुरबचन सिंह, रोहतास, रिंकू ग्रोवर , डॉ नरेंद्र पटीर,विजय मेहरा,सुनील मेहरा, वेद प्रकाश ,नरेश कुमार, पवन भोला, राजकुमार ग्रोवर,वेद सिंह ,दयानंद मुआल, कैलाश, विनोद कुमार, सुशील पोसवाल, मदन लाल,  विक्की, संदीप कुमार आदि सैकड़ो अध्यापक मौजूद थे।

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