इन्फ्लुएंजा पर सतर्क हुआ स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों को दिए गए जांच और इलाज के कड़े निर्देश

हरियाणा में मौसमी इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग की तरफ से राज्य के सभी सरकारी तथा निजी अस्पतालों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच, उपचार और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए पूरी तरह तैयार रहें। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं कि अस्पतालों को जांच-इलाज के निर्देश दे दिए गए हैं और एच1एन1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक हिस्सा बन चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश और एच1एन1 की सच्चाई
चंडीगढ़ से 29 अगस्त को मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि नागरिक फ्लू को लेकर बिल्कुल भी न घबराएं, बल्कि जरूरी सावधानियां अपनाएं। डॉ. मिश्रा ने आम मौसमी फ्लू और एच1एन1 के संबंध में लोगों के मन में बनी सभी प्रकार की आशंकाओं को दूर किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एच1एन1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक मुख्य हिस्सा है। इसे नियमित स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था के तहत लगातार देखा और इसका उपचार किया जाता है। वर्ष 2009 में वायरस के मूल स्रोत के कारण इसे स्वाइन फ्लू कहा गया था, लेकिन अब यह मनुष्यों के बीच फैलने वाले मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक रूप है। इसलिए इसके नाम से किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।
इन्फ्लुएंजा के लक्षण और जोखिम वाले लोग
डॉ. मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन्फ्लुएंजा सांस से जुड़ा हुआ एक तीव्र संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। इसके अलावा सिर और शरीर में दर्द, ठंड लगना तथा अत्यधिक थकान भी इसके लक्षणों में आते हैं। कुछ मामलों में, विशेषकर बच्चों में, उल्टी और दस्त जैसी पेट संबंधी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। अधिकांश लोग समय के साथ स्वयं ही स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांस लेने में परेशानी होने पर, छाती में दर्द होने पर, अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर अथवा स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने पर बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए कहा गया है।