helath-गर्भवती महिला में अगर कोरोना हो तो क्या करना चाहिए : डॉ .रंजू

 

 

गर्भवती महिला में अगर कोरोना हो तो क्या करना चाहिए : गायनोकोलॉजिस्ट डॉ रंजू

What to do if a pregnant woman has corona: Gynecologist Dr. Ranju

 

—–Atal Hind–

delhi-

DR.RANJU

गर्भवती महिला में अगर कोरोना तो क्या करना चाहिए क्योंकि बहुत सारी महिलाएं हैं जिनको गर्म है उनकी डिलीवरी बहुत नजदीक है ऐसे में हमारी जो गर्भवती महिलाएं हैं उनको क्या करना चाहिए और उनके बच्चों को कैसे सुरक्षित रखना है नवजात शिशु के लिए क्या करना है इसके लिए हमने दिल्ली एनसीआर की प्रसिद्ध गायनोकोलॉजिस्ट डॉ रंजू से विशेष बात कि और प्रश्न उत्तर के माध्यम से जाना की इसमें हमें क्या करना चाहिए डॉ रंजू जो विगत 30 वर्षों से एनसीआर की बड़े हॉस्पिटलों में गायनोकोलॉजिस्ट हैं तथा प्रोफ़ेसर हैं हमें बताया कि कोरोना के कारण गर्भवती मां पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता गर्भ पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता

 

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उन्होंने बताया कि करोना रोकने को मां को वही सावधानी बरतनी चाहिए जो कि एक आम महिला को करनी पड़ती है यानी बराबर मास्क लगा के रखना हाथों को बराबर धोते हुए रहना एक दूसरे से 6 फीट की दूरी बनाए रखना क्योंकि करोना गर्भवती मां को वैसे ही हो सकता है जैसे दूसरी औरतों को हो सकता है और नवजात शिशु को भी हो सकता है अगर उसके कांटेक्ट में कोई संक्रमित व्यक्ति आ जाए किंतु गर्भ में रहते हुए करुणा कभी भी मां से बच्चे को नहीं फैलता और नहीं यह प्रसव के दौरान मां से बच्चे को फैलता है क्योंकि कोरोना वायरस रक्त से नहीं फैलता मगर कोई करोना का रोगी आ आजाए और पहले से हमें पता चले कि इसे करो ना है तो हम उसका प्रसव करते हैं परंतु उस समय हम पी पी ई किट हेलमेट सूट के साथ पहनते हैं और n95 मस्क लगाते हैं

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यह काम हमारे साथ सहयोग करने वाले सभी नर्स कंपाउंडर सफाई कर्मचारी भी पहनते हैं अगर हम ऑपरेशन कर रहे हैं तो उसने सब लोग इसको पहनते हैं हां अगर कोई इमरजेंसी में कोई रोगी आ जाए तो हम उसका प्रसव बिना किसी जांच के इस तरह की सुविधाओं के साथ करते हैं प्रसव करने के बाद मां को अलग कमरे में रखा जाता है जब तक बच्चे के बारे में पता नहीं लग जाए बच्चे या मां को करोना है तब तक अगर बहुत ज्यादा संक्रमित क्षेत्र से ओ मां आई है तो हम ऐसे मां और बच्चे को अलग रखते हैं उनके पास जो भी लोग जाते हैं वह मास्क और पीपीई कीट पहनकर ही जाते हैं क्योंकि उनमें करो ना हो सकता है

 

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और इसी तरह से मां के दूध को निकालकर बच्चे को यह दूध गर्म कर ठंडा करके दिया जाता है मां को कहा जाता है कि वह बच्चे को अपने मन से अपने छाती में लेकर दूध नहीं पिलाए क्योंकि हमें मालूम नहीं है कि मां को यह वायरस है कि नहीं और वह बड़े संक्रमित क्षेत्र से आई है किंतु मां को अगर कोरोना नहीं है और वह किसी साधारण क्षेत्र से आई है तब मां बच्चे को दूध पिला सकती है ऐसे मां और बच्चे के पास घर के एक ही आदमी को जाना चाहिए इनको खाना पीना सब अलग से देना चाहिए जिससे कोई भी संक्रमित व्यक्ति इनके संपर्क में नहीं आए इन्हें प्रसव के बाद भी इनके हाथों को धोना चाहिए मां को तो मत लगाना चाहिए किंतु बच्चे को माक्स नहीं लगा सकते इसलिए किसी जाली या नेट जिससे बच्चे को हम ढक के रखते हैं ऐसे भी मच्छरों से दूर रखने के लिए वैसे नेट या जाली का प्रयोग करते हैं अगर ऐसे कोई मां हमें दिखाने के लिए आती है तो हम n95 मार्क्स पहनकर ऐसे रोगियों को देखते हैं

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ज्यादातर रोगियों को छुआ नहीं जाता है और अगर छूना भी पड़े तो गलत पहनकर छूते हैं और बाद में फिर मां को भी जिस भाग को छुआ है उसको सैनिटाइजर से साफ कर देते हैं एक सोशल डिस्पेंसिंग बनाते हुए हम गर्भवती माताओं का परीक्षण करते हैं अगर मां बहुत ज्यादा संक्रमित है तो अगर गर्भ होना अभी देरी है तो ऐसी माताओं को हम कोविड के लिए जो बने हुए अस्पताल हैं उन में भेज देते हैं, हम ऐसी माताओं की डिलीवरी कराने में या फिर उनको देखने में बिल्कुल भी नहीं डरते हैं क्योंकि यह काम तो हमें करना ही पड़ेगा हां अगर कोई ऐसी महिला हमारे पास आती है और उसकी डिलीवरी में थोड़े दिन बाकी हैं तो डीएम सांप ने हम सब से काहे है कि ऐसे किसी भी ऑपरेशन या प्रसव के लिए ऐसी माताओं का करोना टेस्ट हमें सरकारी लैब से करवाना पड़ेगा या रोगी चाहे तो प्राइवेट लेब्ब करा सकता है।

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गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं सभी तरह के ऑपरेशन के लिए नियम लागू किया गया है जिससे साइलेंट करोना ना तो डाक्टरों को हो और नहीं स्वास्थ्य कर्मी में फैले और नहीं रोगी के साथ आए हुए परिजनों में फैले। करुणा दूध में फैलता है कि नहीं यह हमें पता नहीं है इसलिए अगर मां ठीक है तो वह दूध पिलाती है नहीं तो दूध को उबालकर के ठंडा कर बच्चे को अलग से दिया जाता है करोना को रोकने के लिए मां को कोई भी टीका नहीं दिया जा सकता

 

 

क्योंकि इसके लिए कोई टीके का निर्माण हुआ ही नहीं है और नहीं हाइड्रोक्सी क्लोरो किन की गोली हम मां को देते हैं क्योंकि मां को गर्भ के दौरान ऐसी गोलियों को देना उचित नहीं है कोई भी बुरा असर हो सकता है हां यह जरूर है अगर करो ना गर्भवती मां को हो गया है तो उसकी डिलीवरी कराते समय या बाद में उसकी देखभाल करने के लिए जो स्वास्थ्य कर्मी हैं या जो घर वाले हैं उनमें करो ना रोकने के लिए हम यह गोली दे सकते हैं परंतु यह हम जब भी देते हैं जब लेने वाला व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो और इसका काम भी हम हमारे अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्पेशलिस्ट पर छोड़ देते हैं हम खुद यह निश्चय नहीं करते हैं

 

 

 

इसलिए मूल बात यह है आप अगर गर्भवती महिला हैं तो आप बिल्कुल डरे नहीं आपके गायनोकोलॉजिस्ट आपकी पूरी अच्छी तरह से देखभाल करेगी परंतु अभी विजिट कम करनी पड़ेगी सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना पड़ेगा मां को और डॉक्टर को मास्क लगा के रहना पड़ेगा बार-बार हाथों को धोते हुए रहना पड़ेगा अगर आपकी डिलीवरी नजदीक है तो भी घबराने की बात नहीं है आप बस सोशल डिस्पेंसिंग और मार्क्स लगाकर रहिए हाथों को बराबर धोती रहिए आप की डिलीवरी आपके डॉक्टर करवा देंगे हां उनको जैसे सभी तरह के रोगियों को देखते हैं इसके लिए पीपीई कीट और एn19 मास्क पहनना पड़ेगा क्योंकि साइलेंट करो ना बहुत फैल गया है

 

 

 

डॉक्टर को हर रोगी में इस तरह की सावधानी बरतनी पड़ेगी नहीं तो डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी बुरी तरह से प्रभावित हो जाएंगे और अगर आपको डिलीवरी में देरी है तो प्रसव के कुछ दिन पहले आप अपना करुणा वायरस का टेस्ट करवा ले और यह टेस्ट अगर rt-pcr मेथड के द्वारा हो तो ही अच्छा होगा बहुत दिन पहले टेस्ट कराने से कोई फायदा नहीं है हां आपको यह जरूर ध्यान रखना है कि आप किसी भी सर्दी जुकाम बुखार या दमे के रोगी के पास में ना जाए और नहीं आपके घर में ऐसे व्यक्ति आ पाए। आप यह भी देख लीजिए कि आपके घर में कोई भी व्यक्ति बाहर विदेश से नहीं आया हुआ हूं नहीं तो आप अपने घर के पूरे लोगों की जांच करवाएं क्योंकि कोई भी संक्रमित व्यक्ति आपको तो संक्रमण दे ही देगा साथ में आपके बच्चे को भी दे देगा

 

 

ऐसा नहीं है कि करो ना गर्भवती महिला को या फिर नवजात शिशु को नहीं होता है कई सारी गर्भवती माताएं और नवजात शिशु इससे प्रभावित हुए हैं और कई नवजात शिशु का हमारे देश या विदेश में करुणा के कारण मृत्यु भी हुई है इसलिए आपको सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है आपके घर में कोई भी बुखार या करुणा का पेशेंट हो तो आप जितना दूर उनसे रह सके उतना रहिए और अगर स्थान बदल सके तो वह भी अच्छा होगा और नहीं तो वह व्यक्ति जिसको यह है

 

 

 

उसको करंट टाइम कर दीजिए दूसरी जगह पर आप की जगह पर वह क्वॉरेंटाइन नहीं हो और जब तक उसके दो टेस्ट आरटी पीसीआर मेथड से लगभग 14 दिन के बाद नेगेटिव नहीं हो ऐसे व्यक्ति से आपको दूर रहना पड़ेगा इसलिए आप घबराइए मत प्रसव है तो इसकी चिंता मत कीजिए मगर अपने आप को बचाने के लिए तथा अपने बच्चे को बचाने के लिए आप को बराबर हाथ धोते रहना है मास्क पहन के रहना है और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करनी है आपको बाहर में नहीं जाना है घूमना नहीं है कम से कम डॉक्टर के पास जाना है क्योंकि अगर आप बाहर निकलेंगे तो कब वायरस के संपर्क में आ जाएं किसी को पता नहीं इसलिए सावधानी बरतें घबराए नहीं आपके डॉक्टर करोना के डर के मारे आप के इलाज से कोई भी कतोही ही नहीं बरतेंगे

 

 

 

—–विशेष —-
दैनिक अटल हिन्द  डॉक्टर  रंजू  के विचारों से कोरोना जैसी माहामारी के चलते सहमत नहीं दर्शा रहा इसलिए पाठकों से निवेदन है की  डॉक्टर  रंजू  ने बताये टिप्स के साथ साथ आप इस संबंध में अन्य चिकित्सों की राय जरूर ले ले, क्योंकि चिकित्सा पद्द्ति  और उपचार सबकी अलग अलग हो सकती है 

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