हेलीमंडी बना स्विमिंग पुल ,नाव चलाओ मजे करो

Atal Hind8 August 20263 min read38 viewsगुरुग्राम
हेलीमंडी बना स्विमिंग पुल ,नाव चलाओ मजे करो

हेलीमंडी की पुरानी अनाजमंडी में जलभराव से हाहाकार: चर्म रोग व बीमारियों का खतरा, प्रशासन बेपरवाह

गंदा बरसाती पानी में आवागमन करने वाले चर्म रोग के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे

चर्म रोग या फिर वायरल जैसी बीमारियां होने पर पीड़ित की ही जवाब देही होगी

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

स्थानीय प्रशासन ने बरसाती पानी भरने के लिए बरसात/मानसून को ही दोषी ठहराया

गुरुग्राम /हेलीमंडी/ 8 अगस्त /फतह सिंह उजाला /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

हेलीमंडी मानसून और सावन एक दूसरे के पूरक बताए गए हैं । मानसून के सक्रिय होने के साथ ही सावन भी हिलोरे लेने लगता है । यह बात अलग है कि मानसून और सावन दोनों के एक जैसे बरसने के मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही का खामियां जा स्थानीय अनगिनत लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सावन महीना आरंभ होते ही प्रचलित कहावत के मुताबिक सावन झूम के बरसने लगा है।

समय रहते कथित रूप से ड्रेनेज की सफाई नहीं होना, सड़क किनारे या फिर मुख्य बाजारों में बरसाती पानी निकासी के नालों में मिट्टी गाद, पॉलिथीन इत्यादि भरे रहना एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या बनी हुई है । यही मुख्य कारण बताया गया है की बरसात होते ही वॉटर लॉगिंग की गंभीर समस्या आम लोगों के साथ-साथ बाजार के दुकानदारों के लिए रोजी-रोटी के साथ गंभीर समस्या बन जाती है।

जौं के व्यापार के लिए कभी एशिया में विख्यात रही हेली मंडी पुरानी अनाज मंडी बरसाती पानी भरने के कारण यहां के वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी पूरी तरह से फैल दिखाई दे रहे हैं। अनाज मंडी में मुख्य दुकानों के सामने दोनों तरफ बरसाती पानी निकालने के लिए ड्रेनेज भी बने हैं ।

इनकी कब सफाई होती है, यह विभागीय फाइलों से बेहतर कोई नहीं जान सकता। बीती रात मानसून की झूम कर बरसात होने के बाद अनाज मंडी परिसर में बरसाती पानी हिलोरे लेता हुआ दिखाई दे रहा है। मौजूदा सीजन में बरसात होने के बाद यह कोई पहला मौका नहीं है, मामूली सी बरसात होते ही अनाज मंडी परिसर बरसाती पानी की झील में बदल जाता है।

यही हाल ब्रह्माकुमारी सड़क मार्ग का, मुंशीलाल आनंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाटोली के सामने, महाराजा अग्रसेन भवन के सामने मुख्य सड़क, श्री राम चौक से लेकर सरकारी अस्पताल तक और इसके अलावा विभिन्न गलियों में बरसाती पानी अपने साथ कई कई महीने से जमा गंदगी को लेकर घरों में घुस जाता है।

पटौदी जाटोली मंडी परिषद बनने के बाद भी बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था अथवा सिस्टम में खोटा  पैसे का भी सुधार दिखाई नहीं दे रहा। सुबह सवेरे छोटे बच्चों को स्कूल जाना हो, दैनिक कामकाजी लोग अपने गंतव्य के लिए रवाना हो, दुकानदारों और व्यापारी वर्ग को अपने प्रतिष्ठान खोलना हो या फिर घरेलू जरूर का सामान खरीदने के अलावा अन्य खरीदारी के लिए आसपास के गांव से आम लोगों सहित ग्राहकों का बाजार में आना हो।

सभी की जुबान पर एक ही सवाल और हैरानी होती है कि बरसाती पानी कि इस झील से कब छुटकारा मिलेगा ? अब तो लोगों ने यहां तक तंज आरंभ कर दिया है कि पुरानी हेली मंडी अनाज मंडी में पटौदी प्रशासन या फिर पटौदी जाटोली मंडी परिषद के द्वारा नाव चलाने की कोई व्यवस्था अथवा योजना नहीं है ।

बीते लंबे समय से जमा गंदगी का बरसाती पानी के साथ मिलने से चर्म रोग और वायरल सहित अन्य बीमारियों का खतरा चरम पर पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है । संभवतः स्थानीय प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं कि किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर पीड़ित व्यक्ति की ही जवाब दे ही होगी।

स्थानीय प्रबुद्ध लोगों की प्रतिक्रिया है कि डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी कोई व्यवस्था यहां स्थानीय प्रशासन में दिखाई ही नहीं दे रही है। गंदगी के साथ मिलकर भरा हुआ बरसाती पानी कई कई दिन सीजनल और गंभीर बीमारियों को निमंत्रण देता दिखाई दे रहा है ।

लोगों का साफ-साफ कहना है कि बार-बार मांग किया जाने के बाद भी विशेष रूप से हेली मंडी क्षेत्र से बरसाती पानी निकासी की कोई भी ठोस योजना अथवा व्यवस्था नहीं की जा रही। इतना ही नहीं आपात स्थिति में भी किसी प्रकार की कार्य योजना दिखाई नहीं देती है।

Share:

Comments

Leave a comment