पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का विवाद, सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

चंडीगढ़ में 22 अगस्त को हरियाणा में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया की तरफ से दायर की गई याचिका पर सुनवाई की गई है। इस सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में पूरी स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस पूरे मामले पर अब अगली सुनवाई 27 अगस्त को की जाएगी।
हरियाणा राज्य में पिछले कई दिनों से लगातार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इस हड़ताल के होने के कारण प्रदेश भर में अलग-अलग जगहों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। प्रदेश सरकार के साथ कर्मचारियों की कई बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में कोई भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। इसके कारण सफाई कर्मचारी अपनी हड़ताल को अब तीन-तीन दिन के लिए आगे बढ़ा रहे हैं।
गोकुल सेतिया की याचिका पर कोर्ट में बहस
विधायक गोकुल सेतिया की याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अपनी तरफ से एक दावा किया। सरकारी वकील ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सारी मांगें सरकार द्वारा मान ली गई हैं। इसके जवाब में याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में यह दावा किया कि सरकार द्वारा कोर्ट में गलत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के कई शहरों में कचरे के कारण बीमारी फैलने का बड़ा खतरा लगातार बना हुआ है।
हाईकोर्ट ने मांगा लिखित शपथ पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया है। कोर्ट ने नोटिस जारी करके अतिरिक्त मुख्य सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग से लिखित में शपथ पत्र (एफिडिवेट) मांगा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की मांगों पर सरकार द्वारा अब तक लिए गए एक्शन की पूरी जानकारी भी मांगी है। इस केस की अगली सुनवाई अब 27 अगस्त को निर्धारित की गई है।