पलवल के श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में उत्साह पूर्वक मनाया गया हिंदी दिवस, गूंजी कविताएं

पलवल के श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में उत्साह पूर्वक मनाया गया हिंदी दिवस, गूंजी कविताएं

पलवल में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में सोमवार को हिंदी दिवस बहुत ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मियों ने हिस्सा लिया। सभी ने हिंदी कविताएं प्रस्तुत करके वहां मौजूद सबका मन मोह लिया। इन काव्य प्रस्तुतियों के दौरान कई तरह के रंग एक साथ दिखाई दिए।

काव्य प्रस्तुतियों में देशभक्ति और हिंदी प्रेम इन प्रस्तुतियों में कहीं देश भक्ति की झलक साफ दिखाई दी। कहीं पर हिंदी प्रेम का भाव भी छलका। इसके साथ ही वीर रस और श्रृंगार रस पर आधारित कविताएं भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने हिंदी को अपने आचार और व्यवहार में सम्मिलित करने का एक संकल्प भी लिया।

राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित की गई प्रतियोगिता

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राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा इस हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। सभी प्रतिभागियों ने राजभाषा के सम्मान में अपनी पंक्तियां सुनाई। इसके साथ ही मातृभाषा को हमेशा आगे रखने का संकल्प भी दोहराया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 30 प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं।

निर्णायक मंडल की भूमिका और प्रेरणादायक कविताएं

अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी कौशल संकाय की डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ और स्किल फैकल्टी ऑफ़ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट के डीन प्रोफेसर राम विरंजन ने इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने अपनी स्वरचित कविता सुनाई और विद्यार्थियों को प्रेरित किया। ओएसडी संजीव तायल ने हाड़ा रानी के प्रेरक त्याग का वर्णन किया। सहायक कुलसचिव प्रवीण कुमार ने ओम की महिमा का वर्णन किया। डॉ. हिमानी वार्ष्णेय ने माँ की मशक्कत पर कविता पढ़ी। डॉ. संतोष यादव ने मेडिकल अवधारणाओं पर अपनी कविता प्रस्तुत की। डॉ. राजकुमार तेवतिया ने देशभक्ति पर आधारित कविता पढ़ी। छात्रा स्वाति नर्वत ने माँ की ममता पर और शोधार्थी पूजा तंवर ने मन पर कविता सुनाई।

हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित की गई अन्य गतिविधियां

राजभाषा अधिकारी डॉ. राजेश चौहान ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत इससे पहले भी कई प्रतियोगिताएं करवाई जा चुकी हैं। इनमें हिंदी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, दृश्य लेखन प्रतियोगिता, और पोस्टर तथा नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में हिंदी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं।

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